27 अगस्त 2012 को नई दिल्ली का चौघड़िया

सोमवार, 27 अगस्त 2012, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 27 अगस्त 2012 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (00:28, 28 अग॰ तक), नक्षत्र मूल (08:06 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 05:56 पर और सूर्यास्त 18:48 पर है। राहुकाल 07:33 से 09:09 तक है।

दिन और रात
दिन 05:56 – 18:48
रात 05:57 तक
तिथि
एकादशी, 00:28 तक
द्वादशी
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 अगस्त 2012 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:56 – 07:33शुभ
काल07:33 – 09:09टालें
शुभ09:09 – 10:46शुभ
रोग10:46 – 12:22टालें
उद्वेग12:22 – 13:58टालें
चर13:58 – 15:35सामान्य
लाभ15:35 – 17:11शुभ
अमृत17:11 – 18:48शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:48 – 20:11सामान्य
रोग20:11 – 21:35टालें
काल21:35 – 22:58टालें
लाभ22:58 – 00:22शुभ
उद्वेग00:22 – 01:46टालें
शुभ01:46 – 03:09शुभ
अमृत03:09 – 04:33शुभ
चर04:33 – 05:57सामान्य

27 अगस्त 2012 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 00:28, 28 अग॰ तक
शुक्ल द्वादशी 22:47, 28 अग॰ तक
नक्षत्र
मूल 08:06 तक
पूर्वाषाढ़ा 07:02, 28 अग॰ तक
योग
प्रीति 13:07 तक
आयुष्मान 10:36, 28 अग॰ तक
करण
वणिज 13:23 तक
विष्टि (भद्रा) 00:28, 28 अग॰ तक
बव 11:36, 28 अग॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:56
सूर्यास्त
18:48
चंद्रोदय
15:32
चंद्रास्त
01:25
दिनमान
12h 51m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
अधिक भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
अधिक भाद्रपद
विक्रम संवत
2069
शक संवत
1934, नंदन संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:27 – 05:12
अभिजीत मुहूर्त
11:56 – 12:48

अशुभ समय

राहुकाल
07:33 – 09:09
यमगंड
10:46 – 12:22
गुलिक काल
13:58 – 15:35

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:5607:01दिन
शनि07:0108:05दिन
गुरु08:0509:09दिन
मंगल09:0910:13दिन
सूर्य10:1311:18दिन
शुक्र11:1812:22दिन
बुध12:2213:26दिन
चंद्र13:2614:30दिन
शनि14:3015:35दिन
गुरु15:3516:39दिन
मंगल16:3917:43दिन
सूर्य17:4318:48दिन
शुक्र18:4819:43रात
बुध19:4320:39रात
चंद्र20:3921:35रात
शनि21:3522:31रात
गुरु22:3123:26रात
मंगल23:2600:22रात
सूर्य00:2201:18रात
शुक्र01:1802:14रात
बुध02:1403:09रात
चंद्र03:0904:05रात
शनि04:0505:01रात
गुरु05:0105:57रात

अयनांश 24.0338° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।