22 मार्च 2016 को नई दिल्ली का चौघड़िया

मंगलवार, 22 मार्च 2016, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 22 मार्च 2016 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्दशी (15:12 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (16:18 तक) और योग शूल है। सूर्योदय 06:22 पर और सूर्यास्त 18:33 पर है। राहुकाल 15:30 से 17:02 तक है।

दिन और रात
दिन 06:22 – 18:33
रात 06:21 तक
तिथि
चतुर्दशी, 15:12 तक
पूर्णिमा
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 16:18 तक
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

22 मार्च 2016 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:22 – 07:54टालें
उद्वेग07:54 – 09:25टालें
चर09:25 – 10:56सामान्य
लाभ10:56 – 12:28शुभ
अमृत12:28 – 13:59शुभ
काल13:59 – 15:30टालें
शुभ15:30 – 17:02शुभ
रोग17:02 – 18:33टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:33 – 20:02टालें
लाभ20:02 – 21:30शुभ
उद्वेग21:30 – 22:59टालें
शुभ22:59 – 00:27शुभ
अमृत00:27 – 01:56शुभ
चर01:56 – 03:24सामान्य
रोग03:24 – 04:53टालें
काल04:53 – 06:21टालें

22 मार्च 2016 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 15:12 तक
पूर्णिमा 17:30, 23 मार्च तक
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी 19:07, 23 मार्च तक
योग
शूलअशुभ 07:23 तक
गंडअशुभ 08:04, 23 मार्च तक
करण
वणिज 15:12 तक
विष्टि (भद्रा) 04:20, 23 मार्च तक
बव 17:30, 23 मार्च तक
चंद्र राशि
सिंह 22:59 तक
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:22
सूर्यास्त
18:33
चंद्रोदय
17:40
चंद्रास्त
05:37
दिनमान
12h 11m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2072
शक संवत
1937, मन्मथ संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:48 – 05:35
अभिजीत मुहूर्त
12:03 – 12:52

अशुभ समय

राहुकाल
15:30 – 17:02
यमगंड
09:25 – 10:56
गुलिक काल
12:28 – 13:59

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:2207:23दिन
सूर्य07:2308:24दिन
शुक्र08:2409:25दिन
बुध09:2510:26दिन
चंद्र10:2611:27दिन
शनि11:2712:28दिन
गुरु12:2813:29दिन
मंगल13:2914:30दिन
सूर्य14:3015:30दिन
शुक्र15:3016:31दिन
बुध16:3117:32दिन
चंद्र17:3218:33दिन
शनि18:3319:32रात
गुरु19:3220:31रात
मंगल20:3121:30रात
सूर्य21:3022:29रात
शुक्र22:2923:28रात
बुध23:2800:27रात
चंद्र00:2701:26रात
शनि01:2602:25रात
गुरु02:2503:24रात
मंगल03:2404:23रात
सूर्य04:2305:22रात
शुक्र05:2206:21रात

अयनांश 24.0836° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।