30 मई 2016 को नई दिल्ली का चौघड़िया

सोमवार, 30 मई 2016, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 30 मई 2016 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण नवमी (03:03, 31 मई तक), नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद (02:16, 31 मई तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 05:24 पर और सूर्यास्त 19:13 पर है। राहुकाल 07:07 से 08:51 तक है।

दिन और रात
दिन 05:24 – 19:13
रात 05:23 तक
तिथि
नवमी, 03:03 तक
दशमी
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद, 02:16 तक
उत्तरा भाद्रपद
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 मई 2016 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:24 – 07:07शुभ
काल07:07 – 08:51टालें
शुभ08:51 – 10:35शुभ
रोग10:35 – 12:18टालें
उद्वेग12:18 – 14:02टालें
चर14:02 – 15:46सामान्य
लाभ15:46 – 17:29शुभ
अमृत17:29 – 19:13शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर19:13 – 20:29सामान्य
रोग20:29 – 21:46टालें
काल21:46 – 23:02टालें
लाभ23:02 – 00:18शुभ
उद्वेग00:18 – 01:35टालें
शुभ01:35 – 02:51शुभ
अमृत02:51 – 04:07शुभ
चर04:07 – 05:23सामान्य

30 मई 2016 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण नवमी 03:03, 31 मई तक
कृष्ण दशमी 00:39, 1 जून तक
नक्षत्र
योग
विष्कंभअशुभ 17:04 तक
प्रीति 14:15, 31 मई तक
करण
तैतिल 16:04 तक
गर 03:03, 31 मई तक
वणिज 13:55, 31 मई तक
चंद्र राशि
कुंभ 20:35 तक
सूर्य राशिवृषभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:24
सूर्यास्त
19:13
चंद्रोदय
01:00
चंद्रास्त
13:00
दिनमान
13h 49m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2073
शक संवत
1938, दुर्मुख संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:02 – 04:43
अभिजीत मुहूर्त
11:51 – 12:46

अशुभ समय

राहुकाल
07:07 – 08:51
यमगंड
10:35 – 12:18
गुलिक काल
14:02 – 15:46

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:2406:33दिन
शनि06:3307:42दिन
गुरु07:4208:51दिन
मंगल08:5110:00दिन
सूर्य10:0011:09दिन
शुक्र11:0912:18दिन
बुध12:1813:27दिन
चंद्र13:2714:37दिन
शनि14:3715:46दिन
गुरु15:4616:55दिन
मंगल16:5518:04दिन
सूर्य18:0419:13दिन
शुक्र19:1320:04रात
बुध20:0420:55रात
चंद्र20:5521:46रात
शनि21:4622:36रात
गुरु22:3623:27रात
मंगल23:2700:18रात
सूर्य00:1801:09रात
शुक्र01:0902:00रात
बुध02:0002:51रात
चंद्र02:5103:42रात
शनि03:4204:33रात
गुरु04:3305:23रात

अयनांश 24.0863° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।