4 मार्च 2026 को नोएडा का चौघड़िया

बुधवार, 4 मार्च 2026, नोएडा, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 4 मार्च 2026 को नोएडा में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (16:49 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (07:39 तक) और योग धृति है। सूर्योदय 06:42 पर और सूर्यास्त 18:22 पर है। राहुकाल 12:32 से 13:59 तक है।

दिन और रात
दिन 06:42 – 18:22
रात 06:41 तक
तिथि
प्रतिपदा, 16:49 तक
द्वितीया
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 मार्च 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:42 – 08:10शुभ
अमृत08:10 – 09:37शुभ
काल09:37 – 11:04टालें
शुभ11:04 – 12:32शुभ
रोग12:32 – 13:59टालें
उद्वेग13:59 – 15:27टालें
चर15:27 – 16:54सामान्य
लाभ16:54 – 18:22शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:22 – 19:54टालें
शुभ19:54 – 21:26शुभ
अमृत21:26 – 22:59शुभ
चर22:59 – 00:31सामान्य
रोग00:31 – 02:04टालें
काल02:04 – 03:36टालें
लाभ03:36 – 05:09शुभ
उद्वेग05:09 – 06:41टालें

4 मार्च 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 16:49 तक
कृष्ण द्वितीया 17:04, 5 मार्च तक
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी 08:17, 5 मार्च तक
योग
धृति 08:52 तक
शूलअशुभ 07:45, 5 मार्च तक
करण
कौलव 16:49 तक
तैतिल 04:52, 5 मार्च तक
गर 17:04, 5 मार्च तक
चंद्र राशि
सिंह 13:45 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:42
सूर्यास्त
18:22
चंद्रोदय
19:19
चंद्रास्त
07:02
दिनमान
11h 40m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:03 – 05:53
अभिजीत मुहूर्त
12:09 – 12:55 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:32 – 13:59
यमगंड
08:10 – 09:37
गुलिक काल
11:04 – 12:32

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:4207:40दिन
चंद्र07:4008:39दिन
शनि08:3909:37दिन
गुरु09:3710:35दिन
मंगल10:3511:34दिन
सूर्य11:3412:32दिन
शुक्र12:3213:30दिन
बुध13:3014:28दिन
चंद्र14:2815:27दिन
शनि15:2716:25दिन
गुरु16:2517:23दिन
मंगल17:2318:22दिन
सूर्य18:2219:23रात
शुक्र19:2320:25रात
बुध20:2521:26रात
चंद्र21:2622:28रात
शनि22:2823:30रात
गुरु23:3000:31रात
मंगल00:3101:33रात
सूर्य01:3302:35रात
शुक्र02:3503:36रात
बुध03:3604:38रात
चंद्र04:3805:39रात
शनि05:3906:41रात

अयनांश 24.2226° (लाहिड़ी)। समय नोएडा (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।