22 नवंबर 2012 को पटना का चौघड़िया

गुरुवार, 22 नवंबर 2012, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 22 नवंबर 2012 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल नवमी (08:09 तक), नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद (01:38, 23 नव॰ तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 06:12 पर और सूर्यास्त 16:58 पर है। राहुकाल 12:56 से 14:17 तक है।

दिन और रात
दिन 06:12 – 16:58
रात 06:12 तक
तिथि
दशमी
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद, 01:38 तक
उत्तरा भाद्रपद
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

22 नवंबर 2012 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:12 – 07:32शुभ
रोग07:32 – 08:53टालें
उद्वेग08:53 – 10:14टालें
चर10:14 – 11:35सामान्य
लाभ11:35 – 12:56शुभ
अमृत12:56 – 14:17शुभ
काल14:17 – 15:38टालें
शुभ15:38 – 16:58शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत16:58 – 18:38शुभ
चर18:38 – 20:17सामान्य
रोग20:17 – 21:56टालें
काल21:56 – 23:35टालें
लाभ23:35 – 01:15शुभ
उद्वेग01:15 – 02:54टालें
शुभ02:54 – 04:33शुभ
अमृत04:33 – 06:12शुभ

22 नवंबर 2012 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल नवमी 08:09 तक
शुक्ल दशमी 09:06, 23 नव॰ तक
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद 01:38, 23 नव॰ तक
उत्तरा भाद्रपद 03:31, 24 नव॰ तक
योग
हर्षण 19:19 तक
वज्रअशुभ 19:07, 23 नव॰ तक
करण
कौलव 08:09 तक
तैतिल 20:33 तक
गर 09:06, 23 नव॰ तक
चंद्र राशि
कुंभ 19:15 तक
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:12
सूर्यास्त
16:58
चंद्रोदय
13:00
चंद्रास्त
00:35
दिनमान
10h 47m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2069
शक संवत
1934, नंदन संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:26 – 05:19
अभिजीत मुहूर्त
11:13 – 11:57

अशुभ समय

राहुकाल
12:56 – 14:17
यमगंड
06:12 – 07:32
गुलिक काल
08:53 – 10:14

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:1207:06दिन
मंगल07:0607:59दिन
सूर्य07:5908:53दिन
शुक्र08:5309:47दिन
बुध09:4710:41दिन
चंद्र10:4111:35दिन
शनि11:3512:29दिन
गुरु12:2913:23दिन
मंगल13:2314:17दिन
सूर्य14:1715:11दिन
शुक्र15:1116:05दिन
बुध16:0516:58दिन
चंद्र16:5818:05रात
शनि18:0519:11रात
गुरु19:1120:17रात
मंगल20:1721:23रात
सूर्य21:2322:29रात
शुक्र22:2923:35रात
बुध23:3500:42रात
चंद्र00:4201:48रात
शनि01:4802:54रात
गुरु02:5404:00रात
मंगल04:0005:06रात
सूर्य05:0606:12रात

अयनांश 24.0371° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।