10 जुलाई 2025 को पटना का चौघड़िया

गुरुवार, 10 जुलाई 2025, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 10 जुलाई 2025 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (02:06, 11 जुल॰ तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (05:56, 11 जुल॰ तक) और योग इंद्र है। सूर्योदय 05:05 पर और सूर्यास्त 18:43 पर है। राहुकाल 13:37 से 15:19 तक है।

दिन और रात
दिन 05:05 – 18:43
रात 05:06 तक
तिथि
पूर्णिमा, 02:06 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 जुलाई 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:05 – 06:47शुभ
रोग06:47 – 08:30टालें
उद्वेग08:30 – 10:12टालें
चर10:12 – 11:54सामान्य
लाभ11:54 – 13:37शुभ
अमृत13:37 – 15:19शुभ
काल15:19 – 17:01टालें
शुभ17:01 – 18:43शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:43 – 20:01शुभ
चर20:01 – 21:19सामान्य
रोग21:19 – 22:37टालें
काल22:37 – 23:54टालें
लाभ23:54 – 01:12शुभ
उद्वेग01:12 – 02:30टालें
शुभ02:30 – 03:48शुभ
अमृत03:48 – 05:06शुभ

10 जुलाई 2025 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
पूर्णिमा 02:06, 11 जुल॰ तक
कृष्ण प्रतिपदा 02:09, 12 जुल॰ तक
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा 05:56, 11 जुल॰ तक
योग
इंद्र 21:37 तक
वैधृतिअशुभ 20:44, 11 जुल॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 13:55 तक
बव 02:06, 11 जुल॰ तक
बालव 14:11, 11 जुल॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमिथुन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:05
सूर्यास्त
18:43
चंद्रोदय
18:38
चंद्रास्त
04:09
दिनमान
13h 38m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आषाढ़
मास (पूर्णिमांत)
आषाढ़
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:42 – 04:24
अभिजीत मुहूर्त
11:27 – 12:22

अशुभ समय

राहुकाल
13:37 – 15:19
यमगंड
05:05 – 06:47
गुलिक काल
08:30 – 10:12

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:0506:13दिन
मंगल06:1307:22दिन
सूर्य07:2208:30दिन
शुक्र08:3009:38दिन
बुध09:3810:46दिन
चंद्र10:4611:54दिन
शनि11:5413:02दिन
गुरु13:0214:11दिन
मंगल14:1115:19दिन
सूर्य15:1916:27दिन
शुक्र16:2717:35दिन
बुध17:3518:43दिन
चंद्र18:4319:35रात
शनि19:3520:27रात
गुरु20:2721:19रात
मंगल21:1922:11रात
सूर्य22:1123:03रात
शुक्र23:0323:54रात
बुध23:5400:46रात
चंद्र00:4601:38रात
शनि01:3802:30रात
गुरु02:3003:22रात
मंगल03:2204:14रात
सूर्य04:1405:06रात

अयनांश 24.2136° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।