6 अगस्त 2025 को पटना का चौघड़िया

बुधवार, 6 अगस्त 2025, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 6 अगस्त 2025 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वादशी (14:08 तक), नक्षत्र मूल (13:00 तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 05:18 पर और सूर्यास्त 18:31 पर है। राहुकाल 11:55 से 13:34 तक है।

दिन और रात
दिन 05:18 – 18:31
रात 05:18 तक
तिथि
द्वादशी, 14:08 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
मूल, 13:00 तक
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 अगस्त 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:18 – 06:57शुभ
अमृत06:57 – 08:36शुभ
काल08:36 – 10:16टालें
शुभ10:16 – 11:55शुभ
रोग11:55 – 13:34टालें
उद्वेग13:34 – 15:13टालें
चर15:13 – 16:52सामान्य
लाभ16:52 – 18:31शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:31 – 19:52टालें
शुभ19:52 – 21:13शुभ
अमृत21:13 – 22:34शुभ
चर22:34 – 23:55सामान्य
रोग23:55 – 01:16टालें
काल01:16 – 02:37टालें
लाभ02:37 – 03:58शुभ
उद्वेग03:58 – 05:18टालें

6 अगस्त 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 14:08 तक
शुक्ल त्रयोदशी 14:28, 7 अग॰ तक
नक्षत्र
मूल 13:00 तक
पूर्वाषाढ़ा 14:01, 7 अग॰ तक
योग
वैधृतिअशुभ 07:17 तक
विष्कंभअशुभ 06:42, 7 अग॰ तक
करण
बालव 14:08 तक
कौलव 02:23, 7 अग॰ तक
तैतिल 14:28, 7 अग॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकर्क
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:18
सूर्यास्त
18:31
चंद्रोदय
16:30
चंद्रास्त
01:58
दिनमान
13h 13m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
श्रावण
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:52 – 04:35
अभिजीत मुहूर्त
11:28 – 12:21 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:55 – 13:34
यमगंड
06:57 – 08:36
गुलिक काल
10:16 – 11:55

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:1806:24दिन
चंद्र06:2407:30दिन
शनि07:3008:36दिन
गुरु08:3609:42दिन
मंगल09:4210:49दिन
सूर्य10:4911:55दिन
शुक्र11:5513:01दिन
बुध13:0114:07दिन
चंद्र14:0715:13दिन
शनि15:1316:19दिन
गुरु16:1917:25दिन
मंगल17:2518:31दिन
सूर्य18:3119:25रात
शुक्र19:2520:19रात
बुध20:1921:13रात
चंद्र21:1322:07रात
शनि22:0723:01रात
गुरु23:0123:55रात
मंगल23:5500:49रात
सूर्य00:4901:43रात
शुक्र01:4302:37रात
बुध02:3703:31रात
चंद्र03:3104:25रात
शनि04:2505:18रात

अयनांश 24.2146° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।