31 जुलाई 2027 को पटना का चौघड़िया

शनिवार, 31 जुलाई 2027, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 31 जुलाई 2027 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (22:58 तक), नक्षत्र आर्द्रा (22:53 तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 05:15 पर और सूर्यास्त 18:36 पर है। राहुकाल 08:35 से 10:15 तक है।

दिन और रात
दिन 05:15 – 18:36
रात 05:15 तक
तिथि
त्रयोदशी, 22:58 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
आर्द्रा, 22:53 तक
पुनर्वसु
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

31 जुलाई 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:15 – 06:55टालें
शुभ06:55 – 08:35शुभ
रोग08:35 – 10:15टालें
उद्वेग10:15 – 11:55टालें
चर11:55 – 13:35सामान्य
लाभ13:35 – 15:15शुभ
अमृत15:15 – 16:56शुभ
काल16:56 – 18:36टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:36 – 19:56शुभ
उद्वेग19:56 – 21:16टालें
शुभ21:16 – 22:36शुभ
अमृत22:36 – 23:55शुभ
चर23:55 – 01:15सामान्य
रोग01:15 – 02:35टालें
काल02:35 – 03:55टालें
लाभ03:55 – 05:15शुभ

31 जुलाई 2027 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 22:58 तक
कृष्ण चतुर्दशी 19:20, 1 अग॰ तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 20:05, 1 अग॰ तक
योग
व्याघातअशुभ 06:41 तक
हर्षण 02:49, 1 अग॰ तक
वज्रअशुभ 22:43, 1 अग॰ तक
करण
गर 12:41 तक
वणिज 22:58 तक
विष्टि (भद्रा) 09:10, 1 अग॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकर्क
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:15
सूर्यास्त
18:36
चंद्रोदय
02:28
चंद्रास्त
16:53
दिनमान
13h 21m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आषाढ़
मास (पूर्णिमांत)
श्रावण
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:50 – 04:32
अभिजीत मुहूर्त
11:29 – 12:22

अशुभ समय

राहुकाल
08:35 – 10:15
यमगंड
13:35 – 15:15
गुलिक काल
05:15 – 06:55

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:1506:22दिन
गुरु06:2207:28दिन
मंगल07:2808:35दिन
सूर्य08:3509:42दिन
शुक्र09:4210:49दिन
बुध10:4911:55दिन
चंद्र11:5513:02दिन
शनि13:0214:09दिन
गुरु14:0915:15दिन
मंगल15:1516:22दिन
सूर्य16:2217:29दिन
शुक्र17:2918:36दिन
बुध18:3619:29रात
चंद्र19:2920:22रात
शनि20:2221:16रात
गुरु21:1622:09रात
मंगल22:0923:02रात
सूर्य23:0223:55रात
शुक्र23:5500:49रात
बुध00:4901:42रात
चंद्र01:4202:35रात
शनि02:3503:29रात
गुरु03:2904:22रात
मंगल04:2205:15रात

अयनांश 24.2423° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।