9 सितंबर 2027 को पटना का चौघड़िया

गुरुवार, 9 सितंबर 2027, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 9 सितंबर 2027 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल नवमी (14:39 तक), नक्षत्र मूल (20:52 तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 05:32 पर और सूर्यास्त 18:00 पर है। राहुकाल 13:20 से 14:53 तक है।

दिन और रात
दिन 05:32 – 18:00
रात 05:33 तक
तिथि
नवमी, 14:39 तक
दशमी
नक्षत्र
मूल, 20:52 तक
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

9 सितंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:32 – 07:06शुभ
रोग07:06 – 08:39टालें
उद्वेग08:39 – 10:13टालें
चर10:13 – 11:46सामान्य
लाभ11:46 – 13:20शुभ
अमृत13:20 – 14:53शुभ
काल14:53 – 16:27टालें
शुभ16:27 – 18:00शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:00 – 19:27शुभ
चर19:27 – 20:53सामान्य
रोग20:53 – 22:20टालें
काल22:20 – 23:46टालें
लाभ23:46 – 01:13शुभ
उद्वेग01:13 – 02:40टालें
शुभ02:40 – 04:06शुभ
अमृत04:06 – 05:33शुभ

9 सितंबर 2027 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल नवमी 14:39 तक
शुक्ल दशमी 17:00, 10 सित॰ तक
नक्षत्र
मूल 20:52 तक
पूर्वाषाढ़ा 23:50, 10 सित॰ तक
योग
आयुष्मान 04:39, 10 सित॰ तक
सौभाग्य 05:38, 11 सित॰ तक
करण
कौलव 14:39 तक
तैतिल 03:47, 10 सित॰ तक
गर 17:00, 10 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:32
सूर्यास्त
18:00
चंद्रोदय
13:50
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
12h 28m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:00 – 04:46
अभिजीत मुहूर्त
11:21 – 12:11

अशुभ समय

राहुकाल
13:20 – 14:53
यमगंड
05:32 – 07:06
गुलिक काल
08:39 – 10:13

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:3206:35दिन
मंगल06:3507:37दिन
सूर्य07:3708:39दिन
शुक्र08:3909:42दिन
बुध09:4210:44दिन
चंद्र10:4411:46दिन
शनि11:4612:49दिन
गुरु12:4913:51दिन
मंगल13:5114:53दिन
सूर्य14:5315:56दिन
शुक्र15:5616:58दिन
बुध16:5818:00दिन
चंद्र18:0018:58रात
शनि18:5819:56रात
गुरु19:5620:53रात
मंगल20:5321:51रात
सूर्य21:5122:49रात
शुक्र22:4923:46रात
बुध23:4600:44रात
चंद्र00:4401:42रात
शनि01:4202:40रात
गुरु02:4003:37रात
मंगल03:3704:35रात
सूर्य04:3505:33रात

अयनांश 24.2438° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।