12 अगस्त 2029 को पटना का चौघड़िया

रविवार, 12 अगस्त 2029, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 12 अगस्त 2029 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल तृतीया (23:54 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (15:00 तक) और योग शिव है। सूर्योदय 05:21 पर और सूर्यास्त 18:27 पर है। राहुकाल 16:49 से 18:27 तक है।

दिन और रात
दिन 05:21 – 18:27
रात 05:21 तक
तिथि
तृतीया, 23:54 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 15:00 तक
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 अगस्त 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:21 – 06:59टालें
चर06:59 – 08:37सामान्य
लाभ08:37 – 10:16शुभ
अमृत10:16 – 11:54शुभ
काल11:54 – 13:32टालें
शुभ13:32 – 15:10शुभ
रोग15:10 – 16:49टालें
उद्वेग16:49 – 18:27टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:27 – 19:49शुभ
अमृत19:49 – 21:10शुभ
चर21:10 – 22:32सामान्य
रोग22:32 – 23:54टालें
काल23:54 – 01:16टालें
लाभ01:16 – 02:38शुभ
उद्वेग02:38 – 03:59टालें
शुभ03:59 – 05:21शुभ

12 अगस्त 2029 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 23:54 तक
शुक्ल चतुर्थी 21:05, 13 अग॰ तक
नक्षत्र
योग
शिव 21:41 तक
सिद्ध 18:19, 13 अग॰ तक
करण
तैतिल 13:17 तक
गर 23:54 तक
वणिज 10:29, 13 अग॰ तक
चंद्र राशि
सिंह 20:31 तक
सूर्य राशिकर्क
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:21
सूर्यास्त
18:27
चंद्रोदय
07:27
चंद्रास्त
19:48
दिनमान
13h 6m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
श्रावण
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:54 – 04:37
अभिजीत मुहूर्त
11:28 – 12:20

अशुभ समय

राहुकाल
16:49 – 18:27
यमगंड
11:54 – 13:32
गुलिक काल
15:10 – 16:49

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:2106:26दिन
शुक्र06:2607:32दिन
बुध07:3208:37दिन
चंद्र08:3709:43दिन
शनि09:4310:48दिन
गुरु10:4811:54दिन
मंगल11:5412:59दिन
सूर्य12:5914:05दिन
शुक्र14:0515:10दिन
बुध15:1016:16दिन
चंद्र16:1617:21दिन
शनि17:2118:27दिन
गुरु18:2719:21रात
मंगल19:2120:16रात
सूर्य20:1621:10रात
शुक्र21:1022:05रात
बुध22:0523:00रात
चंद्र23:0023:54रात
शनि23:5400:49रात
गुरु00:4901:43रात
मंगल01:4302:38रात
सूर्य02:3803:32रात
शुक्र03:3204:27रात
बुध04:2705:21रात

अयनांश 24.2707° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।