20 अक्टूबर 2090 को पटना का चौघड़िया

शुक्रवार, 20 अक्टूबर 2090, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 20 अक्टूबर 2090 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (17:59 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (18:16 तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 05:50 पर और सूर्यास्त 17:17 पर है। राहुकाल 10:08 से 11:33 तक है।

दिन और रात
दिन 05:50 – 17:17
रात 05:51 तक
तिथि
द्वादशी, 17:59 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 18:16 तक
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

20 अक्टूबर 2090 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:50 – 07:16सामान्य
लाभ07:16 – 08:42शुभ
अमृत08:42 – 10:08शुभ
काल10:08 – 11:33टालें
शुभ11:33 – 12:59शुभ
रोग12:59 – 14:25टालें
उद्वेग14:25 – 15:51टालें
चर15:51 – 17:17सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:17 – 18:51टालें
काल18:51 – 20:25टालें
लाभ20:25 – 22:00शुभ
उद्वेग22:00 – 23:34टालें
शुभ23:34 – 01:08शुभ
अमृत01:08 – 02:42शुभ
चर02:42 – 04:16सामान्य
रोग04:16 – 05:51टालें

20 अक्टूबर 2090 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 17:59 तक
कृष्ण त्रयोदशी 14:38, 21 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी 15:40, 21 अक्टू॰ तक
योग
ब्रह्म 00:33, 21 अक्टू॰ तक
इंद्र 20:35, 21 अक्टू॰ तक
करण
कौलव 07:33 तक
तैतिल 17:59 तक
गर 04:20, 21 अक्टू॰ तक
वणिज 14:38, 21 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सिंह 23:38 तक
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:50
सूर्यास्त
17:17
चंद्रोदय
02:35
चंद्रास्त
15:21
दिनमान
11h 27m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2147
शक संवत
2012, साधारण संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:10 – 05:00
अभिजीत मुहूर्त
11:11 – 11:56

अशुभ समय

राहुकाल
10:08 – 11:33
यमगंड
14:25 – 15:51
गुलिक काल
07:16 – 08:42

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:5006:47दिन
बुध06:4707:45दिन
चंद्र07:4508:42दिन
शनि08:4209:39दिन
गुरु09:3910:36दिन
मंगल10:3611:33दिन
सूर्य11:3312:31दिन
शुक्र12:3113:28दिन
बुध13:2814:25दिन
चंद्र14:2515:22दिन
शनि15:2216:20दिन
गुरु16:2017:17दिन
मंगल17:1718:20रात
सूर्य18:2019:22रात
शुक्र19:2220:25रात
बुध20:2521:28रात
चंद्र21:2822:31रात
शनि22:3123:34रात
गुरु23:3400:37रात
मंगल00:3701:39रात
सूर्य01:3902:42रात
शुक्र02:4203:45रात
बुध03:4504:48रात
चंद्र04:4805:51रात

अयनांश 25.1257° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।