4 मार्च 2026 को पर्थ का चौघड़िया

बुधवार, 4 मार्च 2026, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

बुधवार, 4 मार्च 2026 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (19:19 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (10:09 तक) और योग धृति है। सूर्योदय 06:07 पर और सूर्यास्त 18:48 पर है। राहुकाल 12:28 से 14:03 तक है।

दिन और रात
दिन 06:07 – 18:48
रात 06:08 तक
तिथि
प्रतिपदा, 19:19 तक
द्वितीया
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 मार्च 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:07 – 07:42शुभ
अमृत07:42 – 09:17शुभ
काल09:17 – 10:53टालें
शुभ10:53 – 12:28शुभ
रोग12:28 – 14:03टालें
उद्वेग14:03 – 15:38टालें
चर15:38 – 17:13सामान्य
लाभ17:13 – 18:48शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:48 – 20:13टालें
शुभ20:13 – 21:38शुभ
अमृत21:38 – 23:03शुभ
चर23:03 – 00:28सामान्य
रोग00:28 – 01:53टालें
काल01:53 – 03:18टालें
लाभ03:18 – 04:43शुभ
उद्वेग04:43 – 06:08टालें

4 मार्च 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 19:19 तक
कृष्ण द्वितीया 19:34, 5 मार्च तक
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी 10:47, 5 मार्च तक
योग
धृति 11:22 तक
शूलअशुभ 10:15, 5 मार्च तक
करण
बालव 07:24 तक
कौलव 19:19 तक
तैतिल 07:22, 5 मार्च तक
चंद्र राशि
सिंह 16:15 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:07
सूर्यास्त
18:48
चंद्रोदय
19:11
चंद्रास्त
06:38
दिनमान
12h 40m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:37 – 05:22
अभिजीत मुहूर्त
12:02 – 12:53 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:28 – 14:03
यमगंड
07:42 – 09:17
गुलिक काल
10:53 – 12:28

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:0707:11दिन
चंद्र07:1108:14दिन
शनि08:1409:17दिन
गुरु09:1710:21दिन
मंगल10:2111:24दिन
सूर्य11:2412:28दिन
शुक्र12:2813:31दिन
बुध13:3114:34दिन
चंद्र14:3415:38दिन
शनि15:3816:41दिन
गुरु16:4117:44दिन
मंगल17:4418:48दिन
सूर्य18:4819:44रात
शुक्र19:4420:41रात
बुध20:4121:38रात
चंद्र21:3822:34रात
शनि22:3423:31रात
गुरु23:3100:28रात
मंगल00:2801:25रात
सूर्य01:2502:21रात
शुक्र02:2103:18रात
बुध03:1804:15रात
चंद्र04:1505:11रात
शनि05:1106:08रात

अयनांश 24.2226° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।