30 मार्च 2027 को पर्थ का चौघड़िया

मंगलवार, 30 मार्च 2027, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

मंगलवार, 30 मार्च 2027 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण अष्टमी (22:10 तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (08:51, 31 मार्च तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 06:26 पर और सूर्यास्त 18:15 पर है। राहुकाल 15:18 से 16:46 तक है।

दिन और रात
दिन 06:26 – 18:15
रात 06:26 तक
तिथि
अष्टमी, 22:10 तक
नवमी
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 मार्च 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:26 – 07:54टालें
उद्वेग07:54 – 09:23टालें
चर09:23 – 10:52सामान्य
लाभ10:52 – 12:20शुभ
अमृत12:20 – 13:49शुभ
काल13:49 – 15:18टालें
शुभ15:18 – 16:46शुभ
रोग16:46 – 18:15टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:15 – 19:47टालें
लाभ19:47 – 21:18शुभ
उद्वेग21:18 – 22:49टालें
शुभ22:49 – 00:21शुभ
अमृत00:21 – 01:52शुभ
चर01:52 – 03:24सामान्य
रोग03:24 – 04:55टालें
काल04:55 – 06:26टालें

30 मार्च 2027 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण अष्टमी 22:10 तक
कृष्ण नवमी 00:46, 1 अप्रैल तक
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा 08:51, 31 मार्च तक
योग
वरीयान 09:24 तक
परिघअशुभ 10:23, 31 मार्च तक
करण
बालव 08:53 तक
कौलव 22:10 तक
तैतिल 11:28, 31 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:26
सूर्यास्त
18:15
चंद्रोदय
23:50
चंद्रास्त
13:48
दिनमान
11h 49m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:48 – 05:37
अभिजीत मुहूर्त
11:57 – 12:44

अशुभ समय

राहुकाल
15:18 – 16:46
यमगंड
09:23 – 10:52
गुलिक काल
12:20 – 13:49

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:2607:25दिन
सूर्य07:2508:24दिन
शुक्र08:2409:23दिन
बुध09:2310:22दिन
चंद्र10:2211:21दिन
शनि11:2112:20दिन
गुरु12:2013:20दिन
मंगल13:2014:19दिन
सूर्य14:1915:18दिन
शुक्र15:1816:17दिन
बुध16:1717:16दिन
चंद्र17:1618:15दिन
शनि18:1519:16रात
गुरु19:1620:17रात
मंगल20:1721:18रात
सूर्य21:1822:19रात
शुक्र22:1923:20रात
बुध23:2000:21रात
चंद्र00:2101:22रात
शनि01:2202:23रात
गुरु02:2303:24रात
मंगल03:2404:25रात
सूर्य04:2505:25रात
शुक्र05:2506:26रात

अयनांश 24.2376° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।