25 अप्रैल 2029 को पर्थ का चौघड़िया

बुधवार, 25 अप्रैल 2029, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

बुधवार, 25 अप्रैल 2029 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (09:07 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (15:19 तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 06:44 पर और सूर्यास्त 17:44 पर है। राहुकाल 12:14 से 13:36 तक है।

दिन और रात
दिन 06:44 – 17:44
रात 06:44 तक
तिथि
द्वादशी, 05:52 तक
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 15:19 तक
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 अप्रैल 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:44 – 08:06शुभ
अमृत08:06 – 09:29शुभ
काल09:29 – 10:51टालें
शुभ10:51 – 12:14शुभ
रोग12:14 – 13:36टालें
उद्वेग13:36 – 14:59टालें
चर14:59 – 16:21सामान्य
लाभ16:21 – 17:44शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:44 – 19:22टालें
शुभ19:22 – 20:59शुभ
अमृत20:59 – 22:37शुभ
चर22:37 – 00:14सामान्य
रोग00:14 – 01:52टालें
काल01:52 – 03:29टालें
लाभ03:29 – 05:07शुभ
उद्वेग05:07 – 06:44टालें

25 अप्रैल 2029 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 09:07 तक
शुक्ल द्वादशी 05:52, 26 अप्रैल तक
शुक्ल त्रयोदशी 02:14, 27 अप्रैल तक
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी 12:43, 26 अप्रैल तक
योग
ध्रुव 18:42 तक
व्याघातअशुभ 14:45, 26 अप्रैल तक
करण
विष्टि (भद्रा) 09:07 तक
बव 19:33 तक
बालव 05:52, 26 अप्रैल तक
कौलव 16:05, 26 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सिंह 20:43 तक
सूर्य राशिमेष
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:44
सूर्यास्त
17:44
चंद्रोदय
15:19
चंद्रास्त
02:48
दिनमान
11h 0m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:00 – 05:52
अभिजीत मुहूर्त
11:52 – 12:36 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:14 – 13:36
यमगंड
08:06 – 09:29
गुलिक काल
10:51 – 12:14

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:4407:39दिन
चंद्र07:3908:34दिन
शनि08:3409:29दिन
गुरु09:2910:24दिन
मंगल10:2411:19दिन
सूर्य11:1912:14दिन
शुक्र12:1413:09दिन
बुध13:0914:04दिन
चंद्र14:0414:59दिन
शनि14:5915:54दिन
गुरु15:5416:49दिन
मंगल16:4917:44दिन
सूर्य17:4418:49रात
शुक्र18:4919:54रात
बुध19:5420:59रात
चंद्र20:5922:04रात
शनि22:0423:09रात
गुरु23:0900:14रात
मंगल00:1401:19रात
सूर्य01:1902:24रात
शुक्र02:2403:29रात
बुध03:2904:34रात
चंद्र04:3405:39रात
शनि05:3906:44रात

अयनांश 24.2665° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।