25 मार्च 2028 को प्रयागराज का चौघड़िया

शनिवार, 25 मार्च 2028, प्रयागराज, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 25 मार्च 2028 को प्रयागराज में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (07:57 तक), नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद (17:11 तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 06:01 पर और सूर्यास्त 18:16 पर है। राहुकाल 09:04 से 10:36 तक है।

दिन और रात
दिन 06:01 – 18:16
रात 06:00 तक
तिथि
अमावस्या
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद, 17:11 तक
उत्तरा भाद्रपद
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 मार्च 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:01 – 07:33टालें
शुभ07:33 – 09:04शुभ
रोग09:04 – 10:36टालें
उद्वेग10:36 – 12:08टालें
चर12:08 – 13:40सामान्य
लाभ13:40 – 15:12शुभ
अमृत15:12 – 16:44शुभ
काल16:44 – 18:16टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:16 – 19:44शुभ
उद्वेग19:44 – 21:12टालें
शुभ21:12 – 22:40शुभ
अमृत22:40 – 00:08शुभ
चर00:08 – 01:36सामान्य
रोग01:36 – 03:04टालें
काल03:04 – 04:32टालें
लाभ04:32 – 06:00शुभ

25 मार्च 2028 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 07:57 तक
अमावस्या 10:01, 26 मार्च तक
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद 19:39, 26 मार्च तक
योग
शुक्ल 03:27, 26 मार्च तक
ब्रह्म 03:48, 27 मार्च तक
करण
शकुनि 07:57 तक
चतुष्पद 21:01 तक
नाग 10:01, 26 मार्च तक
चंद्र राशि
कुंभ 10:31 तक
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:01
सूर्यास्त
18:16
चंद्रोदय
05:13
चंद्रास्त
17:39
दिनमान
12h 15m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:27 – 05:14
अभिजीत मुहूर्त
11:44 – 12:33

अशुभ समय

राहुकाल
09:04 – 10:36
यमगंड
13:40 – 15:12
गुलिक काल
06:01 – 07:33

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:0107:02दिन
गुरु07:0208:03दिन
मंगल08:0309:04दिन
सूर्य09:0410:06दिन
शुक्र10:0611:07दिन
बुध11:0712:08दिन
चंद्र12:0813:09दिन
शनि13:0914:11दिन
गुरु14:1115:12दिन
मंगल15:1216:13दिन
सूर्य16:1317:14दिन
शुक्र17:1418:16दिन
बुध18:1619:14रात
चंद्र19:1420:13रात
शनि20:1321:12रात
गुरु21:1222:10रात
मंगल22:1023:09रात
सूर्य23:0900:08रात
शुक्र00:0801:06रात
बुध01:0602:05रात
चंद्र02:0503:04रात
शनि03:0404:02रात
गुरु04:0205:01रात
मंगल05:0106:00रात

अयनांश 24.2514° (लाहिड़ी)। समय प्रयागराज (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।