14 फ़रवरी 2025 को पुणे का चौघड़िया

शुक्रवार, 14 फ़रवरी 2025, पुणे, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 14 फ़रवरी 2025 को पुणे में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (21:52 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (23:09 तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 07:02 पर और सूर्यास्त 18:34 पर है। राहुकाल 11:22 से 12:48 तक है।

दिन और रात
दिन 07:02 – 18:34
रात 07:02 तक
तिथि
द्वितीया, 21:52 तक
तृतीया
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 23:09 तक
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 फ़रवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर07:02 – 08:29सामान्य
लाभ08:29 – 09:55शुभ
अमृत09:55 – 11:22शुभ
काल11:22 – 12:48टालें
शुभ12:48 – 14:15शुभ
रोग14:15 – 15:41टालें
उद्वेग15:41 – 17:08टालें
चर17:08 – 18:34सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:34 – 20:08टालें
काल20:08 – 21:41टालें
लाभ21:41 – 23:15शुभ
उद्वेग23:15 – 00:48टालें
शुभ00:48 – 02:21शुभ
अमृत02:21 – 03:55शुभ
चर03:55 – 05:28सामान्य
रोग05:28 – 07:02टालें

14 फ़रवरी 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 21:52 तक
कृष्ण तृतीया 23:52, 15 फ़र॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी 01:39, 16 फ़र॰ तक
योग
अतिगंडअशुभ 07:20 तक
सुकर्मा 07:32, 15 फ़र॰ तक
करण
तैतिल 09:03 तक
गर 21:52 तक
वणिज 10:49, 15 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सिंह 05:44, 15 फ़र॰ तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:02
सूर्यास्त
18:34
चंद्रोदय
20:10
चंद्रास्त
08:07
दिनमान
11h 32m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:23 – 06:12
अभिजीत मुहूर्त
12:25 – 13:11

अशुभ समय

राहुकाल
11:22 – 12:48
यमगंड
15:41 – 17:08
गुलिक काल
08:29 – 09:55

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र07:0208:00दिन
बुध08:0008:58दिन
चंद्र08:5809:55दिन
शनि09:5510:53दिन
गुरु10:5311:51दिन
मंगल11:5112:48दिन
सूर्य12:4813:46दिन
शुक्र13:4614:44दिन
बुध14:4415:41दिन
चंद्र15:4116:39दिन
शनि16:3917:37दिन
गुरु17:3718:34दिन
मंगल18:3419:37रात
सूर्य19:3720:39रात
शुक्र20:3921:41रात
बुध21:4122:43रात
चंद्र22:4323:46रात
शनि23:4600:48रात
गुरु00:4801:50रात
मंगल01:5002:53रात
सूर्य02:5303:55रात
शुक्र03:5504:57रात
बुध04:5705:59रात
चंद्र05:5907:02रात

अयनांश 24.2080° (लाहिड़ी)। समय पुणे (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।