12 जून 2025 को पुणे का चौघड़िया

गुरुवार, 12 जून 2025, पुणे, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 12 जून 2025 को पुणे में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (14:28 तक), नक्षत्र मूल (21:57 तक) और योग शुभ है। सूर्योदय 05:57 पर और सूर्यास्त 19:11 पर है। राहुकाल 14:13 से 15:52 तक है।

दिन और रात
दिन 05:57 – 19:11
रात 05:57 तक
तिथि
प्रतिपदा, 14:28 तक
द्वितीया
नक्षत्र
मूल, 21:57 तक
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 जून 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:57 – 07:36शुभ
रोग07:36 – 09:16टालें
उद्वेग09:16 – 10:55टालें
चर10:55 – 12:34सामान्य
लाभ12:34 – 14:13शुभ
अमृत14:13 – 15:52शुभ
काल15:52 – 17:32टालें
शुभ17:32 – 19:11शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत19:11 – 20:32शुभ
चर20:32 – 21:52सामान्य
रोग21:52 – 23:13टालें
काल23:13 – 00:34टालें
लाभ00:34 – 01:55शुभ
उद्वेग01:55 – 03:16टालें
शुभ03:16 – 04:36शुभ
अमृत04:36 – 05:57शुभ

12 जून 2025 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 14:28 तक
कृष्ण द्वितीया 15:19, 13 जून तक
नक्षत्र
मूल 21:57 तक
पूर्वाषाढ़ा 23:20, 13 जून तक
योग
शुभ 14:04 तक
शुक्ल 13:47, 13 जून तक
करण
कौलव 14:28 तक
तैतिल 02:56, 13 जून तक
गर 15:19, 13 जून तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृषभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:57
सूर्यास्त
19:11
चंद्रोदय
20:21
चंद्रास्त
06:27
दिनमान
13h 14m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
आषाढ़
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:31 – 05:14
अभिजीत मुहूर्त
12:08 – 13:00

अशुभ समय

राहुकाल
14:13 – 15:52
यमगंड
05:57 – 07:36
गुलिक काल
09:16 – 10:55

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:5707:03दिन
मंगल07:0308:09दिन
सूर्य08:0909:16दिन
शुक्र09:1610:22दिन
बुध10:2211:28दिन
चंद्र11:2812:34दिन
शनि12:3413:40दिन
गुरु13:4014:46दिन
मंगल14:4615:52दिन
सूर्य15:5216:59दिन
शुक्र16:5918:05दिन
बुध18:0519:11दिन
चंद्र19:1120:05रात
शनि20:0520:59रात
गुरु20:5921:52रात
मंगल21:5222:46रात
सूर्य22:4623:40रात
शुक्र23:4000:34रात
बुध00:3401:28रात
चंद्र01:2802:22रात
शनि02:2203:16रात
गुरु03:1604:09रात
मंगल04:0905:03रात
सूर्य05:0305:57रात

अयनांश 24.2125° (लाहिड़ी)। समय पुणे (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।