13 नवंबर 2026 को पुरी का चौघड़िया

शुक्रवार, 13 नवंबर 2026, पुरी, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 13 नवंबर 2026 को पुरी में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (20:43 तक), नक्षत्र मूल (17:17 तक) और योग धृति है। सूर्योदय 05:53 पर और सूर्यास्त 17:07 पर है। राहुकाल 10:06 से 11:30 तक है।

दिन और रात
दिन 05:53 – 17:07
रात 05:54 तक
तिथि
चतुर्थी, 20:43 तक
पंचमी
नक्षत्र
मूल, 17:17 तक
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

13 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:53 – 07:18सामान्य
लाभ07:18 – 08:42शुभ
अमृत08:42 – 10:06शुभ
काल10:06 – 11:30टालें
शुभ11:30 – 12:55शुभ
रोग12:55 – 14:19टालें
उद्वेग14:19 – 15:43टालें
चर15:43 – 17:07सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:07 – 18:43टालें
काल18:43 – 20:19टालें
लाभ20:19 – 21:55शुभ
उद्वेग21:55 – 23:31टालें
शुभ23:31 – 01:06शुभ
अमृत01:06 – 02:42शुभ
चर02:42 – 04:18सामान्य
रोग04:18 – 05:54टालें

13 नवंबर 2026 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 20:43 तक
शुक्ल पंचमी 23:24, 14 नव॰ तक
नक्षत्र
मूल 17:17 तक
पूर्वाषाढ़ा 20:24, 14 नव॰ तक
योग
धृति 05:23, 14 नव॰ तक
शूलअशुभ 06:22, 15 नव॰ तक
करण
वणिज 07:24 तक
विष्टि (भद्रा) 20:43 तक
बव 10:03, 14 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:53
सूर्यास्त
17:07
चंद्रोदय
09:17
चंद्रास्त
20:13
दिनमान
11h 14m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:11 – 05:02
अभिजीत मुहूर्त
11:08 – 11:53

अशुभ समय

राहुकाल
10:06 – 11:30
यमगंड
14:19 – 15:43
गुलिक काल
07:18 – 08:42

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:5306:50दिन
बुध06:5007:46दिन
चंद्र07:4608:42दिन
शनि08:4209:38दिन
गुरु09:3810:34दिन
मंगल10:3411:30दिन
सूर्य11:3012:27दिन
शुक्र12:2713:23दिन
बुध13:2314:19दिन
चंद्र14:1915:15दिन
शनि15:1516:11दिन
गुरु16:1117:07दिन
मंगल17:0718:11रात
सूर्य18:1119:15रात
शुक्र19:1520:19रात
बुध20:1921:23रात
चंद्र21:2322:27रात
शनि22:2723:31रात
गुरु23:3100:35रात
मंगल00:3501:38रात
सूर्य01:3802:42रात
शुक्र02:4203:46रात
बुध03:4604:50रात
चंद्र04:5005:54रात

अयनांश 24.2324° (लाहिड़ी)। समय पुरी (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।