12 सितंबर 2027 को पुरी का चौघड़िया

रविवार, 12 सितंबर 2027, पुरी, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 12 सितंबर 2027 को पुरी में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वादशी (22:13 तक), नक्षत्र श्रवण (06:05, 13 सित॰ तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 05:33 पर और सूर्यास्त 17:52 पर है। राहुकाल 16:20 से 17:52 तक है।

दिन और रात
दिन 05:33 – 17:52
रात 05:33 तक
तिथि
द्वादशी, 22:13 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
श्रवण
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 सितंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:33 – 07:05टालें
चर07:05 – 08:38सामान्य
लाभ08:38 – 10:10शुभ
अमृत10:10 – 11:43शुभ
काल11:43 – 13:15टालें
शुभ13:15 – 14:47शुभ
रोग14:47 – 16:20टालें
उद्वेग16:20 – 17:52टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:52 – 19:20शुभ
अमृत19:20 – 20:47शुभ
चर20:47 – 22:15सामान्य
रोग22:15 – 23:43टालें
काल23:43 – 01:10टालें
लाभ01:10 – 02:38शुभ
उद्वेग02:38 – 04:06टालें
शुभ04:06 – 05:33शुभ

12 सितंबर 2027 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 22:13 तक
शुक्ल त्रयोदशी 00:40, 14 सित॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 06:05, 13 सित॰ तक
योग
शोभन 06:43 तक
अतिगंडअशुभ 07:45, 13 सित॰ तक
करण
बव 08:55 तक
बालव 22:13 तक
कौलव 11:28, 13 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:33
सूर्यास्त
17:52
चंद्रोदय
15:40
चंद्रास्त
02:19
दिनमान
12h 19m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:00 – 04:46
अभिजीत मुहूर्त
11:18 – 12:07

अशुभ समय

राहुकाल
16:20 – 17:52
यमगंड
11:43 – 13:15
गुलिक काल
14:47 – 16:20

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:3306:35दिन
शुक्र06:3507:36दिन
बुध07:3608:38दिन
चंद्र08:3809:39दिन
शनि09:3910:41दिन
गुरु10:4111:43दिन
मंगल11:4312:44दिन
सूर्य12:4413:46दिन
शुक्र13:4614:47दिन
बुध14:4715:49दिन
चंद्र15:4916:50दिन
शनि16:5017:52दिन
गुरु17:5218:50रात
मंगल18:5019:49रात
सूर्य19:4920:47रात
शुक्र20:4721:46रात
बुध21:4622:44रात
चंद्र22:4423:43रात
शनि23:4300:41रात
गुरु00:4101:39रात
मंगल01:3902:38रात
सूर्य02:3803:36रात
शुक्र03:3604:35रात
बुध04:3505:33रात

अयनांश 24.2439° (लाहिड़ी)। समय पुरी (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।