14 अप्रैल 2029 को पुरी का चौघड़िया

शनिवार, 14 अप्रैल 2029, पुरी, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 14 अप्रैल 2029 को पुरी में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (05:33, 15 अप्रैल तक), नक्षत्र अश्विनी (06:07, 15 अप्रैल तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 05:29 पर और सूर्यास्त 18:04 पर है। राहुकाल 08:38 से 10:12 तक है।

दिन और रात
दिन 05:29 – 18:04
रात 05:28 तक
तिथि
प्रतिपदा
नक्षत्र
अश्विनी
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 अप्रैल 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:29 – 07:04टालें
शुभ07:04 – 08:38शुभ
रोग08:38 – 10:12टालें
उद्वेग10:12 – 11:47टालें
चर11:47 – 13:21सामान्य
लाभ13:21 – 14:55शुभ
अमृत14:55 – 16:30शुभ
काल16:30 – 18:04टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:04 – 19:30शुभ
उद्वेग19:30 – 20:55टालें
शुभ20:55 – 22:21शुभ
अमृत22:21 – 23:46शुभ
चर23:46 – 01:12सामान्य
रोग01:12 – 02:37टालें
काल02:37 – 04:03टालें
लाभ04:03 – 05:28शुभ

14 अप्रैल 2029 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 05:33, 15 अप्रैल तक
नक्षत्र
अश्विनी 06:07, 15 अप्रैल तक
योग
विष्कंभअशुभ 04:08, 15 अप्रैल तक
प्रीति 04:53, 16 अप्रैल तक
करण
किंस्तुघ्न 16:22 तक
बव 05:33, 15 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:29
सूर्यास्त
18:04
चंद्रोदय
05:23
चंद्रास्त
18:30
दिनमान
12h 35m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:58 – 04:44
अभिजीत मुहूर्त
11:21 – 12:12

अशुभ समय

राहुकाल
08:38 – 10:12
यमगंड
13:21 – 14:55
गुलिक काल
05:29 – 07:04

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:2906:32दिन
गुरु06:3207:35दिन
मंगल07:3508:38दिन
सूर्य08:3809:41दिन
शुक्र09:4110:44दिन
बुध10:4411:47दिन
चंद्र11:4712:49दिन
शनि12:4913:52दिन
गुरु13:5214:55दिन
मंगल14:5515:58दिन
सूर्य15:5817:01दिन
शुक्र17:0118:04दिन
बुध18:0419:01रात
चंद्र19:0119:58रात
शनि19:5820:55रात
गुरु20:5521:52रात
मंगल21:5222:49रात
सूर्य22:4923:46रात
शुक्र23:4600:43रात
बुध00:4301:40रात
चंद्र01:4002:37रात
शनि02:3703:34रात
गुरु03:3404:31रात
मंगल04:3105:28रात

अयनांश 24.2661° (लाहिड़ी)। समय पुरी (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।