13 जनवरी 2027 को पूर्णिया का चौघड़िया

बुधवार, 13 जनवरी 2027, पूर्णिया, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 13 जनवरी 2027 को पूर्णिया में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल पंचमी (13:02 तक), नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद (22:04 तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 06:28 पर और सूर्यास्त 17:08 पर है। राहुकाल 11:48 से 13:08 तक है।

दिन और रात
दिन 06:28 – 17:08
रात 06:28 तक
तिथि
पंचमी, 13:02 तक
षष्ठी
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद, 22:04 तक
उत्तरा भाद्रपद
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

13 जनवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:28 – 07:48शुभ
अमृत07:48 – 09:08शुभ
काल09:08 – 10:28टालें
शुभ10:28 – 11:48शुभ
रोग11:48 – 13:08टालें
उद्वेग13:08 – 14:28टालें
चर14:28 – 15:48सामान्य
लाभ15:48 – 17:08शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:08 – 18:48टालें
शुभ18:48 – 20:28शुभ
अमृत20:28 – 22:08शुभ
चर22:08 – 23:48सामान्य
रोग23:48 – 01:28टालें
काल01:28 – 03:08टालें
लाभ03:08 – 04:48शुभ
उद्वेग04:48 – 06:28टालें

13 जनवरी 2027 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 13:02 तक
शुक्ल षष्ठी 13:59, 14 जन॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद 23:19, 14 जन॰ तक
योग
वरीयान 17:54 तक
परिघअशुभ 17:22, 14 जन॰ तक
करण
बालव 13:02 तक
कौलव 01:35, 14 जन॰ तक
तैतिल 13:59, 14 जन॰ तक
चंद्र राशि
कुंभ 15:40 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:28
सूर्यास्त
17:08
चंद्रोदय
09:36
चंद्रास्त
21:57
दिनमान
10h 41m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:41 – 05:35
अभिजीत मुहूर्त
11:27 – 12:10 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:48 – 13:08
यमगंड
07:48 – 09:08
गुलिक काल
10:28 – 11:48

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:2807:21दिन
चंद्र07:2108:15दिन
शनि08:1509:08दिन
गुरु09:0810:01दिन
मंगल10:0110:55दिन
सूर्य10:5511:48दिन
शुक्र11:4812:42दिन
बुध12:4213:35दिन
चंद्र13:3514:28दिन
शनि14:2815:22दिन
गुरु15:2216:15दिन
मंगल16:1517:08दिन
सूर्य17:0818:15रात
शुक्र18:1519:22रात
बुध19:2220:28रात
चंद्र20:2821:35रात
शनि21:3522:42रात
गुरु22:4223:48रात
मंगल23:4800:55रात
सूर्य00:5502:01रात
शुक्र02:0103:08रात
बुध03:0804:15रात
चंद्र04:1505:21रात
शनि05:2106:28रात

अयनांश 24.2347° (लाहिड़ी)। समय पूर्णिया (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।