16 फ़रवरी 2029 को पुरुलिया का चौघड़िया

शुक्रवार, 16 फ़रवरी 2029, पुरुलिया, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 16 फ़रवरी 2029 को पुरुलिया में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल तृतीया (22:17 तक), नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद (08:47 तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 06:16 पर और सूर्यास्त 17:41 पर है। राहुकाल 10:33 से 11:58 तक है।

दिन और रात
दिन 06:16 – 17:41
रात 06:15 तक
तिथि
तृतीया, 22:17 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 फ़रवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:16 – 07:42सामान्य
लाभ07:42 – 09:07शुभ
अमृत09:07 – 10:33शुभ
काल10:33 – 11:58टालें
शुभ11:58 – 13:24शुभ
रोग13:24 – 14:49टालें
उद्वेग14:49 – 16:15टालें
चर16:15 – 17:41सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:41 – 19:15टालें
काल19:15 – 20:49टालें
लाभ20:49 – 22:24शुभ
उद्वेग22:24 – 23:58टालें
शुभ23:58 – 01:32शुभ
अमृत01:32 – 03:07शुभ
चर03:07 – 04:41सामान्य
रोग04:41 – 06:15टालें

16 फ़रवरी 2029 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 22:17 तक
शुक्ल चतुर्थी 00:49, 18 फ़र॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद 11:41, 17 फ़र॰ तक
योग
सिद्ध 14:43 तक
साध्य 15:33, 17 फ़र॰ तक
करण
तैतिल 09:05 तक
गर 22:17 तक
वणिज 11:32, 17 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:16
सूर्यास्त
17:41
चंद्रोदय
07:34
चंद्रास्त
20:10
दिनमान
11h 25m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:35 – 05:26
अभिजीत मुहूर्त
11:35 – 12:21

अशुभ समय

राहुकाल
10:33 – 11:58
यमगंड
14:49 – 16:15
गुलिक काल
07:42 – 09:07

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:1607:13दिन
बुध07:1308:10दिन
चंद्र08:1009:07दिन
शनि09:0710:04दिन
गुरु10:0411:01दिन
मंगल11:0111:58दिन
सूर्य11:5812:55दिन
शुक्र12:5513:52दिन
बुध13:5214:49दिन
चंद्र14:4915:46दिन
शनि15:4616:43दिन
गुरु16:4317:41दिन
मंगल17:4118:43रात
सूर्य18:4319:46रात
शुक्र19:4620:49रात
बुध20:4921:52रात
चंद्र21:5222:55रात
शनि22:5523:58रात
गुरु23:5801:01रात
मंगल01:0102:04रात
सूर्य02:0403:07रात
शुक्र03:0704:09रात
बुध04:0905:12रात
चंद्र05:1206:15रात

अयनांश 24.2639° (लाहिड़ी)। समय पुरुलिया (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।