30 दिसंबर 2024 को पुष्कर का चौघड़िया

सोमवार, 30 दिसंबर 2024, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 30 दिसंबर 2024 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या (03:56, 31 दिस॰ तक), नक्षत्र मूल (23:57 तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 07:19 पर और सूर्यास्त 17:49 पर है। राहुकाल 08:38 से 09:56 तक है।

दिन और रात
दिन 07:19 – 17:49
रात 07:19 तक
तिथि
अमावस्या, 03:56 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
मूल, 23:57 तक
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 दिसंबर 2024 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत07:19 – 08:38शुभ
काल08:38 – 09:56टालें
शुभ09:56 – 11:15शुभ
रोग11:15 – 12:34टालें
उद्वेग12:34 – 13:53टालें
चर13:53 – 15:12सामान्य
लाभ15:12 – 16:30शुभ
अमृत16:30 – 17:49शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:49 – 19:30सामान्य
रोग19:30 – 21:12टालें
काल21:12 – 22:53टालें
लाभ22:53 – 00:34शुभ
उद्वेग00:34 – 02:15टालें
शुभ02:15 – 03:57शुभ
अमृत03:57 – 05:38शुभ
चर05:38 – 07:19सामान्य

30 दिसंबर 2024 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
अमावस्या 03:56, 31 दिस॰ तक
शुक्ल प्रतिपदा 03:22, 1 जन॰ तक
नक्षत्र
मूल 23:57 तक
पूर्वाषाढ़ा 00:03, 1 जन॰ तक
योग
वृद्धि 20:32 तक
ध्रुव 18:59, 31 दिस॰ तक
करण
चतुष्पद 16:03 तक
नाग 03:56, 31 दिस॰ तक
किंस्तुघ्न 15:42, 31 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:19
सूर्यास्त
17:49
चंद्रोदय
06:51
चंद्रास्त
17:08
दिनमान
10h 30m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:31 – 06:25
अभिजीत मुहूर्त
12:13 – 12:55

अशुभ समय

राहुकाल
08:38 – 09:56
यमगंड
11:15 – 12:34
गुलिक काल
13:53 – 15:12

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र07:1908:11दिन
शनि08:1109:04दिन
गुरु09:0409:56दिन
मंगल09:5610:49दिन
सूर्य10:4911:41दिन
शुक्र11:4112:34दिन
बुध12:3413:26दिन
चंद्र13:2614:19दिन
शनि14:1915:12दिन
गुरु15:1216:04दिन
मंगल16:0416:57दिन
सूर्य16:5717:49दिन
शुक्र17:4918:57रात
बुध18:5720:04रात
चंद्र20:0421:12रात
शनि21:1222:19रात
गुरु22:1923:27रात
मंगल23:2700:34रात
सूर्य00:3401:42रात
शुक्र01:4202:49रात
बुध02:4903:57रात
चंद्र03:5705:04रात
शनि05:0406:12रात
गुरु06:1207:19रात

अयनांश 24.2062° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।