2 सितंबर 2025 को पुष्कर का चौघड़िया

मंगलवार, 2 सितंबर 2025, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 2 सितंबर 2025 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल दशमी (03:53, 3 सित॰ तक), नक्षत्र मूल (21:51 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 06:11 पर और सूर्यास्त 18:50 पर है। राहुकाल 15:40 से 17:15 तक है।

दिन और रात
दिन 06:11 – 18:50
रात 06:12 तक
तिथि
दशमी, 03:53 तक
एकादशी
नक्षत्र
मूल, 21:51 तक
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

2 सितंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:11 – 07:46टालें
उद्वेग07:46 – 09:21टालें
चर09:21 – 10:56सामान्य
लाभ10:56 – 12:31शुभ
अमृत12:31 – 14:06शुभ
काल14:06 – 15:40टालें
शुभ15:40 – 17:15शुभ
रोग17:15 – 18:50टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:50 – 20:15टालें
लाभ20:15 – 21:41शुभ
उद्वेग21:41 – 23:06टालें
शुभ23:06 – 00:31शुभ
अमृत00:31 – 01:56शुभ
चर01:56 – 03:21सामान्य
रोग03:21 – 04:47टालें
काल04:47 – 06:12टालें

2 सितंबर 2025 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल दशमी 03:53, 3 सित॰ तक
शुक्ल एकादशी 04:22, 4 सित॰ तक
नक्षत्र
मूल 21:51 तक
पूर्वाषाढ़ा 23:08, 3 सित॰ तक
योग
प्रीति 16:39 तक
आयुष्मान 16:17, 3 सित॰ तक
करण
तैतिल 15:23 तक
गर 03:53, 3 सित॰ तक
वणिज 16:13, 3 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:11
सूर्यास्त
18:50
चंद्रोदय
15:06
चंद्रास्त
00:27
दिनमान
12h 39m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:41 – 05:26
अभिजीत मुहूर्त
12:05 – 12:56

अशुभ समय

राहुकाल
15:40 – 17:15
यमगंड
09:21 – 10:56
गुलिक काल
12:31 – 14:06

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:1107:15दिन
सूर्य07:1508:18दिन
शुक्र08:1809:21दिन
बुध09:2110:24दिन
चंद्र10:2411:28दिन
शनि11:2812:31दिन
गुरु12:3113:34दिन
मंगल13:3414:37दिन
सूर्य14:3715:40दिन
शुक्र15:4016:44दिन
बुध16:4417:47दिन
चंद्र17:4718:50दिन
शनि18:5019:47रात
गुरु19:4720:44रात
मंगल20:4421:41रात
सूर्य21:4122:37रात
शुक्र22:3723:34रात
बुध23:3400:31रात
चंद्र00:3101:28रात
शनि01:2802:25रात
गुरु02:2503:21रात
मंगल03:2104:18रात
सूर्य04:1805:15रात
शुक्र05:1506:12रात

अयनांश 24.2156° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।