2 नवंबर 2025 को पुष्कर का चौघड़िया

रविवार, 2 नवंबर 2025, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 2 नवंबर 2025 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (07:32 तक), नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद (17:03 तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 06:41 पर और सूर्यास्त 17:48 पर है। राहुकाल 16:25 से 17:48 तक है।

दिन और रात
दिन 06:41 – 17:48
रात 06:42 तक
तिथि
द्वादशी, 05:07 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद, 17:03 तक
उत्तरा भाद्रपद
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

2 नवंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:41 – 08:05टालें
चर08:05 – 09:28सामान्य
लाभ09:28 – 10:51शुभ
अमृत10:51 – 12:15शुभ
काल12:15 – 13:38टालें
शुभ13:38 – 15:01शुभ
रोग15:01 – 16:25टालें
उद्वेग16:25 – 17:48टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:48 – 19:25शुभ
अमृत19:25 – 21:02शुभ
चर21:02 – 22:38सामान्य
रोग22:38 – 00:15टालें
काल00:15 – 01:52टालें
लाभ01:52 – 03:28शुभ
उद्वेग03:28 – 05:05टालें
शुभ05:05 – 06:42शुभ

2 नवंबर 2025 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 07:32 तक
शुक्ल द्वादशी 05:07, 3 नव॰ तक
शुक्ल त्रयोदशी 02:06, 4 नव॰ तक
नक्षत्र
योग
व्याघातअशुभ 23:10 तक
हर्षण 19:39, 3 नव॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 07:32 तक
बव 18:25 तक
बालव 05:07, 3 नव॰ तक
कौलव 15:41, 3 नव॰ तक
चंद्र राशि
कुंभ 11:27 तक
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:41
सूर्यास्त
17:48
चंद्रोदय
15:32
चंद्रास्त
02:57
दिनमान
11h 7m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:58 – 05:50
अभिजीत मुहूर्त
11:52 – 12:37

अशुभ समय

राहुकाल
16:25 – 17:48
यमगंड
12:15 – 13:38
गुलिक काल
15:01 – 16:25

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:4107:37दिन
शुक्र07:3708:32दिन
बुध08:3209:28दिन
चंद्र09:2810:24दिन
शनि10:2411:19दिन
गुरु11:1912:15दिन
मंगल12:1513:10दिन
सूर्य13:1014:06दिन
शुक्र14:0615:01दिन
बुध15:0115:57दिन
चंद्र15:5716:53दिन
शनि16:5317:48दिन
गुरु17:4818:53रात
मंगल18:5319:57रात
सूर्य19:5721:02रात
शुक्र21:0222:06रात
बुध22:0623:11रात
चंद्र23:1100:15रात
शनि00:1501:20रात
गुरु01:2002:24रात
मंगल02:2403:28रात
सूर्य03:2804:33रात
शुक्र04:3305:37रात
बुध05:3706:42रात

अयनांश 24.2180° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।