11 सितंबर 2026 को पुष्कर का चौघड़िया

शुक्रवार, 11 सितंबर 2026, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या (08:56 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (13:16 तक) और योग साध्य है। सूर्योदय 06:15 पर और सूर्यास्त 18:40 पर है। राहुकाल 10:55 से 12:28 तक है।

दिन और रात
दिन 06:15 – 18:40
रात 06:16 तक
तिथि
प्रतिपदा
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 13:16 तक
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 सितंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:15 – 07:48सामान्य
लाभ07:48 – 09:21शुभ
अमृत09:21 – 10:55शुभ
काल10:55 – 12:28टालें
शुभ12:28 – 14:01शुभ
रोग14:01 – 15:34टालें
उद्वेग15:34 – 17:07टालें
चर17:07 – 18:40सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:40 – 20:07टालें
काल20:07 – 21:34टालें
लाभ21:34 – 23:01शुभ
उद्वेग23:01 – 00:28टालें
शुभ00:28 – 01:55शुभ
अमृत01:55 – 03:22शुभ
चर03:22 – 04:49सामान्य
रोग04:49 – 06:16टालें

11 सितंबर 2026 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
अमावस्या 08:56 तक
शुक्ल प्रतिपदा 07:46, 12 सित॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी 12:55, 12 सित॰ तक
योग
साध्य 17:02 तक
शुभ 15:09, 12 सित॰ तक
करण
नाग 08:56 तक
किंस्तुघ्न 20:18 तक
बव 07:46, 12 सित॰ तक
चंद्र राशि
सिंह 19:08 तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:15
सूर्यास्त
18:40
चंद्रोदय
06:13
चंद्रास्त
18:44
दिनमान
12h 25m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:43 – 05:29
अभिजीत मुहूर्त
12:03 – 12:53

अशुभ समय

राहुकाल
10:55 – 12:28
यमगंड
15:34 – 17:07
गुलिक काल
07:48 – 09:21

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:1507:17दिन
बुध07:1708:19दिन
चंद्र08:1909:21दिन
शनि09:2110:24दिन
गुरु10:2411:26दिन
मंगल11:2612:28दिन
सूर्य12:2813:30दिन
शुक्र13:3014:32दिन
बुध14:3215:34दिन
चंद्र15:3416:36दिन
शनि16:3617:38दिन
गुरु17:3818:40दिन
मंगल18:4019:38रात
सूर्य19:3820:36रात
शुक्र20:3621:34रात
बुध21:3422:32रात
चंद्र22:3223:30रात
शनि23:3000:28रात
गुरु00:2801:26रात
मंगल01:2602:24रात
सूर्य02:2403:22रात
शुक्र03:2204:20रात
बुध04:2005:18रात
चंद्र05:1806:16रात

अयनांश 24.2299° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।