8 अक्टूबर 2026 को पुष्कर का चौघड़िया

गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (22:16 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (21:20 तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 06:27 पर और सूर्यास्त 18:11 पर है। राहुकाल 13:47 से 15:15 तक है।

दिन और रात
दिन 06:27 – 18:11
रात 06:27 तक
तिथि
त्रयोदशी, 22:16 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 21:20 तक
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:27 – 07:55शुभ
रोग07:55 – 09:23टालें
उद्वेग09:23 – 10:51टालें
चर10:51 – 12:19सामान्य
लाभ12:19 – 13:47शुभ
अमृत13:47 – 15:15शुभ
काल15:15 – 16:43टालें
शुभ16:43 – 18:11शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:11 – 19:43शुभ
चर19:43 – 21:15सामान्य
रोग21:15 – 22:47टालें
काल22:47 – 00:19टालें
लाभ00:19 – 01:51शुभ
उद्वेग01:51 – 03:23टालें
शुभ03:23 – 04:55शुभ
अमृत04:55 – 06:27शुभ

8 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 22:16 तक
कृष्ण चतुर्दशी 21:36, 9 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी 21:19, 9 अक्टू॰ तक
योग
शुक्ल 00:58, 9 अक्टू॰ तक
ब्रह्म 23:21, 9 अक्टू॰ तक
करण
गर 10:44 तक
वणिज 22:16 तक
विष्टि (भद्रा) 09:53, 9 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सिंह 03:18, 9 अक्टू॰ तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:27
सूर्यास्त
18:11
चंद्रोदय
04:02
चंद्रास्त
16:43
दिनमान
11h 44m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:49 – 05:38
अभिजीत मुहूर्त
11:55 – 12:42

अशुभ समय

राहुकाल
13:47 – 15:15
यमगंड
06:27 – 07:55
गुलिक काल
09:23 – 10:51

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:2707:26दिन
मंगल07:2608:24दिन
सूर्य08:2409:23दिन
शुक्र09:2310:21दिन
बुध10:2111:20दिन
चंद्र11:2012:19दिन
शनि12:1913:17दिन
गुरु13:1714:16दिन
मंगल14:1615:15दिन
सूर्य15:1516:13दिन
शुक्र16:1317:12दिन
बुध17:1218:11दिन
चंद्र18:1119:12रात
शनि19:1220:13रात
गुरु20:1321:15रात
मंगल21:1522:16रात
सूर्य22:1623:18रात
शुक्र23:1800:19रात
बुध00:1901:20रात
चंद्र01:2002:22रात
शनि02:2203:23रात
गुरु03:2304:25रात
मंगल04:2505:26रात
सूर्य05:2606:27रात

अयनांश 24.2310° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।