27 नवंबर 2026 को पुष्कर का चौघड़िया

शुक्रवार, 27 नवंबर 2026, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 27 नवंबर 2026 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (09:49 तक), नक्षत्र आर्द्रा (15:08 तक) और योग शुभ है। सूर्योदय 06:59 पर और सूर्यास्त 17:38 पर है। राहुकाल 10:59 से 12:19 तक है।

दिन और रात
दिन 06:59 – 17:38
रात 07:00 तक
तिथि
चतुर्थी, 06:40 तक
नक्षत्र
आर्द्रा, 15:08 तक
पुनर्वसु
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:59 – 08:19सामान्य
लाभ08:19 – 09:39शुभ
अमृत09:39 – 10:59शुभ
काल10:59 – 12:19टालें
शुभ12:19 – 13:39शुभ
रोग13:39 – 14:59टालें
उद्वेग14:59 – 16:19टालें
चर16:19 – 17:38सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:38 – 19:19टालें
काल19:19 – 20:59टालें
लाभ20:59 – 22:39शुभ
उद्वेग22:39 – 00:19टालें
शुभ00:19 – 01:59शुभ
अमृत01:59 – 03:39शुभ
चर03:39 – 05:20सामान्य
रोग05:20 – 07:00टालें

27 नवंबर 2026 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 09:49 तक
कृष्ण चतुर्थी 06:40, 28 नव॰ तक
कृष्ण पंचमी 03:57, 29 नव॰ तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 12:50, 28 नव॰ तक
योग
शुभ 23:51 तक
शुक्ल 20:18, 28 नव॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 09:49 तक
बव 20:11 तक
बालव 06:40, 28 नव॰ तक
कौलव 17:15, 28 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:59
सूर्यास्त
17:38
चंद्रोदय
20:29
चंद्रास्त
09:52
दिनमान
10h 39m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:12 – 06:06
अभिजीत मुहूर्त
11:57 – 12:40

अशुभ समय

राहुकाल
10:59 – 12:19
यमगंड
14:59 – 16:19
गुलिक काल
08:19 – 09:39

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:5907:52दिन
बुध07:5208:46दिन
चंद्र08:4609:39दिन
शनि09:3910:32दिन
गुरु10:3211:25दिन
मंगल11:2512:19दिन
सूर्य12:1913:12दिन
शुक्र13:1214:05दिन
बुध14:0514:59दिन
चंद्र14:5915:52दिन
शनि15:5216:45दिन
गुरु16:4517:38दिन
मंगल17:3818:45रात
सूर्य18:4519:52रात
शुक्र19:5220:59रात
बुध20:5922:06रात
चंद्र22:0623:12रात
शनि23:1200:19रात
गुरु00:1901:26रात
मंगल01:2602:33रात
सूर्य02:3303:39रात
शुक्र03:3904:46रात
बुध04:4605:53रात
चंद्र05:5307:00रात

अयनांश 24.2329° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।