7 अप्रैल 2028 को पुष्कर का चौघड़िया

शुक्रवार, 7 अप्रैल 2028, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 7 अप्रैल 2028 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (22:33 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (16:57 तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 06:16 पर और सूर्यास्त 18:51 पर है। राहुकाल 10:59 से 12:34 तक है।

दिन और रात
दिन 06:16 – 18:51
रात 06:15 तक
तिथि
त्रयोदशी, 22:33 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 16:57 तक
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 अप्रैल 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:16 – 07:50सामान्य
लाभ07:50 – 09:25शुभ
अमृत09:25 – 10:59शुभ
काल10:59 – 12:34टालें
शुभ12:34 – 14:08शुभ
रोग14:08 – 15:42टालें
उद्वेग15:42 – 17:17टालें
चर17:17 – 18:51सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:51 – 20:17टालें
काल20:17 – 21:42टालें
लाभ21:42 – 23:08शुभ
उद्वेग23:08 – 00:33टालें
शुभ00:33 – 01:58शुभ
अमृत01:58 – 03:24शुभ
चर03:24 – 04:49सामान्य
रोग04:49 – 06:15टालें

7 अप्रैल 2028 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 22:33 तक
शुक्ल चतुर्दशी 19:11, 8 अप्रैल तक
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी 14:23, 8 अप्रैल तक
योग
वृद्धि 02:08, 8 अप्रैल तक
ध्रुव 22:14, 8 अप्रैल तक
करण
कौलव 12:13 तक
तैतिल 22:33 तक
गर 08:52, 8 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सिंह 22:19 तक
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:16
सूर्यास्त
18:51
चंद्रोदय
16:47
चंद्रास्त
04:27
दिनमान
12h 36m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:44 – 05:30
अभिजीत मुहूर्त
12:08 – 12:59

अशुभ समय

राहुकाल
10:59 – 12:34
यमगंड
15:42 – 17:17
गुलिक काल
07:50 – 09:25

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:1607:19दिन
बुध07:1908:22दिन
चंद्र08:2209:25दिन
शनि09:2510:28दिन
गुरु10:2811:31दिन
मंगल11:3112:34दिन
सूर्य12:3413:36दिन
शुक्र13:3614:39दिन
बुध14:3915:42दिन
चंद्र15:4216:45दिन
शनि16:4517:48दिन
गुरु17:4818:51दिन
मंगल18:5119:48रात
सूर्य19:4820:45रात
शुक्र20:4521:42रात
बुध21:4222:39रात
चंद्र22:3923:36रात
शनि23:3600:33रात
गुरु00:3301:30रात
मंगल01:3002:27रात
सूर्य02:2703:24रात
शुक्र03:2404:21रात
बुध04:2105:18रात
चंद्र05:1806:15रात

अयनांश 24.2519° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।