16 दिसंबर 2028 को पुष्कर का चौघड़िया

शनिवार, 16 दिसंबर 2028, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 16 दिसंबर 2028 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या (07:36 तक), नक्षत्र मूल (06:39, 17 दिस॰ तक) और योग गंड है। सूर्योदय 07:12 पर और सूर्यास्त 17:42 पर है। राहुकाल 09:50 से 11:08 तक है।

दिन और रात
दिन 07:12 – 17:42
रात 07:13 तक
तिथि
प्रतिपदा, 06:41 तक
नक्षत्र
मूल, 06:39 तक
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 दिसंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल07:12 – 08:31टालें
शुभ08:31 – 09:50शुभ
रोग09:50 – 11:08टालें
उद्वेग11:08 – 12:27टालें
चर12:27 – 13:46सामान्य
लाभ13:46 – 15:04शुभ
अमृत15:04 – 16:23शुभ
काल16:23 – 17:42टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:42 – 19:23शुभ
उद्वेग19:23 – 21:04टालें
शुभ21:04 – 22:46शुभ
अमृत22:46 – 00:27शुभ
चर00:27 – 02:09सामान्य
रोग02:09 – 03:50टालें
काल03:50 – 05:32टालें
लाभ05:32 – 07:13शुभ

16 दिसंबर 2028 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
अमावस्या 07:36 तक
शुक्ल प्रतिपदा 06:41, 17 दिस॰ तक
शुक्ल द्वितीया 06:23, 18 दिस॰ तक
नक्षत्र
मूल 06:39, 17 दिस॰ तक
पूर्वाषाढ़ा 06:57, 18 दिस॰ तक
योग
गंडअशुभ 04:23, 17 दिस॰ तक
वृद्धि 02:52, 18 दिस॰ तक
करण
नाग 07:36 तक
किंस्तुघ्न 19:04 तक
बव 06:41, 17 दिस॰ तक
बालव 18:27, 17 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:12
सूर्यास्त
17:42
चंद्रोदय
07:21
चंद्रास्त
17:57
दिनमान
10h 29m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:24 – 06:18
अभिजीत मुहूर्त
12:06 – 12:48

अशुभ समय

राहुकाल
09:50 – 11:08
यमगंड
13:46 – 15:04
गुलिक काल
07:12 – 08:31

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि07:1208:05दिन
गुरु08:0508:57दिन
मंगल08:5709:50दिन
सूर्य09:5010:42दिन
शुक्र10:4211:35दिन
बुध11:3512:27दिन
चंद्र12:2713:19दिन
शनि13:1914:12दिन
गुरु14:1215:04दिन
मंगल15:0415:57दिन
सूर्य15:5716:49दिन
शुक्र16:4917:42दिन
बुध17:4218:49रात
चंद्र18:4919:57रात
शनि19:5721:04रात
गुरु21:0422:12रात
मंगल22:1223:20रात
सूर्य23:2000:27रात
शुक्र00:2701:35रात
बुध01:3502:43रात
चंद्र02:4303:50रात
शनि03:5004:58रात
गुरु04:5806:05रात
मंगल06:0507:13रात

अयनांश 24.2616° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।