5 अप्रैल 2029 को पुष्कर का चौघड़िया

गुरुवार, 5 अप्रैल 2029, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 5 अप्रैल 2029 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण सप्तमी (13:24 तक), नक्षत्र मूल (09:21 तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 06:18 पर और सूर्यास्त 18:50 पर है। राहुकाल 14:08 से 15:42 तक है।

दिन और रात
दिन 06:18 – 18:50
रात 06:17 तक
तिथि
सप्तमी, 13:24 तक
अष्टमी
नक्षत्र
मूल, 09:21 तक
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

5 अप्रैल 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:18 – 07:52शुभ
रोग07:52 – 09:26टालें
उद्वेग09:26 – 11:00टालें
चर11:00 – 12:34सामान्य
लाभ12:34 – 14:08शुभ
अमृत14:08 – 15:42शुभ
काल15:42 – 17:16टालें
शुभ17:16 – 18:50शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:50 – 20:16शुभ
चर20:16 – 21:42सामान्य
रोग21:42 – 23:08टालें
काल23:08 – 00:34टालें
लाभ00:34 – 01:59शुभ
उद्वेग01:59 – 03:25टालें
शुभ03:25 – 04:51शुभ
अमृत04:51 – 06:17शुभ

5 अप्रैल 2029 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 13:24 तक
कृष्ण अष्टमी 13:30, 6 अप्रैल तक
नक्षत्र
मूल 09:21 तक
पूर्वाषाढ़ा 09:59, 6 अप्रैल तक
योग
परिघअशुभ 00:04, 6 अप्रैल तक
शिव 23:20, 6 अप्रैल तक
करण
बव 13:24 तक
बालव 01:21, 6 अप्रैल तक
कौलव 13:30, 6 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:18
सूर्यास्त
18:50
चंद्रोदय
00:42
चंद्रास्त
11:24
दिनमान
12h 32m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
अधिक चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
अधिक चैत्र
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:46 – 05:32
अभिजीत मुहूर्त
12:09 – 12:59

अशुभ समय

राहुकाल
14:08 – 15:42
यमगंड
06:18 – 07:52
गुलिक काल
09:26 – 11:00

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:1807:21दिन
मंगल07:2108:23दिन
सूर्य08:2309:26दिन
शुक्र09:2610:29दिन
बुध10:2911:31दिन
चंद्र11:3112:34दिन
शनि12:3413:37दिन
गुरु13:3714:40दिन
मंगल14:4015:42दिन
सूर्य15:4216:45दिन
शुक्र16:4517:48दिन
बुध17:4818:50दिन
चंद्र18:5019:47रात
शनि19:4720:45रात
गुरु20:4521:42रात
मंगल21:4222:39रात
सूर्य22:3923:36रात
शुक्र23:3600:34रात
बुध00:3401:31रात
चंद्र01:3102:28रात
शनि02:2803:25रात
गुरु03:2504:23रात
मंगल04:2305:20रात
सूर्य05:2006:17रात

अयनांश 24.2658° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।