8 मई 2029 को पुष्कर का चौघड़िया

मंगलवार, 8 मई 2029, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 8 मई 2029 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (07:40 तक), नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद (03:28, 9 मई तक) और योग इंद्र है। सूर्योदय 05:49 पर और सूर्यास्त 19:07 पर है। राहुकाल 15:48 से 17:27 तक है।

दिन और रात
दिन 05:49 – 19:07
रात 05:48 तक
तिथि
एकादशी
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद, 03:28 तक
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 मई 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:49 – 07:28टालें
उद्वेग07:28 – 09:08टालें
चर09:08 – 10:48सामान्य
लाभ10:48 – 12:28शुभ
अमृत12:28 – 14:08शुभ
काल14:08 – 15:48टालें
शुभ15:48 – 17:27शुभ
रोग17:27 – 19:07टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल19:07 – 20:27टालें
लाभ20:27 – 21:47शुभ
उद्वेग21:47 – 23:08टालें
शुभ23:08 – 00:28शुभ
अमृत00:28 – 01:48शुभ
चर01:48 – 03:08सामान्य
रोग03:08 – 04:28टालें
काल04:28 – 05:48टालें

8 मई 2029 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण दशमी 07:40 तक
कृष्ण एकादशी 10:02, 9 मई तक
नक्षत्र
योग
इंद्र 07:00 तक
वैधृतिअशुभ 07:53, 9 मई तक
करण
विष्टि (भद्रा) 07:40 तक
बव 20:50 तक
बालव 10:02, 9 मई तक
चंद्र राशि
कुंभ 20:44 तक
सूर्य राशिमेष
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:49
सूर्यास्त
19:07
चंद्रोदय
02:29
चंद्रास्त
14:47
दिनमान
13h 19m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:23 – 05:06
अभिजीत मुहूर्त
12:01 – 12:55

अशुभ समय

राहुकाल
15:48 – 17:27
यमगंड
09:08 – 10:48
गुलिक काल
12:28 – 14:08

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:4906:55दिन
सूर्य06:5508:02दिन
शुक्र08:0209:08दिन
बुध09:0810:15दिन
चंद्र10:1511:21दिन
शनि11:2112:28दिन
गुरु12:2813:35दिन
मंगल13:3514:41दिन
सूर्य14:4115:48दिन
शुक्र15:4816:54दिन
बुध16:5418:01दिन
चंद्र18:0119:07दिन
शनि19:0720:01रात
गुरु20:0120:54रात
मंगल20:5421:47रात
सूर्य21:4722:41रात
शुक्र22:4123:34रात
बुध23:3400:28रात
चंद्र00:2801:21रात
शनि01:2102:14रात
गुरु02:1403:08रात
मंगल03:0804:01रात
सूर्य04:0104:55रात
शुक्र04:5505:48रात

अयनांश 24.2670° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।