22 मई 2029 को पुष्कर का चौघड़िया

मंगलवार, 22 मई 2029, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 22 मई 2029 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल नवमी (18:46 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (20:47 तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 05:41 पर और सूर्यास्त 19:15 पर है। राहुकाल 15:52 से 17:33 तक है।

दिन और रात
दिन 05:41 – 19:15
रात 05:41 तक
तिथि
नवमी, 18:46 तक
दशमी
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 20:47 तक
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

22 मई 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:41 – 07:23टालें
उद्वेग07:23 – 09:05टालें
चर09:05 – 10:46सामान्य
लाभ10:46 – 12:28शुभ
अमृत12:28 – 14:10शुभ
काल14:10 – 15:52टालें
शुभ15:52 – 17:33शुभ
रोग17:33 – 19:15टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल19:15 – 20:33टालें
लाभ20:33 – 21:51शुभ
उद्वेग21:51 – 23:10टालें
शुभ23:10 – 00:28शुभ
अमृत00:28 – 01:46शुभ
चर01:46 – 03:04सामान्य
रोग03:04 – 04:23टालें
काल04:23 – 05:41टालें

22 मई 2029 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल नवमी 18:46 तक
शुक्ल दशमी 16:09, 23 मई तक
नक्षत्र
योग
हर्षण 00:38, 23 मई तक
वज्रअशुभ 21:20, 23 मई तक
करण
बालव 07:53 तक
कौलव 18:46 तक
तैतिल 05:31, 23 मई तक
गर 16:09, 23 मई तक
चंद्र राशि
सिंह 02:21, 23 मई तक
सूर्य राशिवृषभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:41
सूर्यास्त
19:15
चंद्रोदय
13:33
चंद्रास्त
01:16
दिनमान
13h 34m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:18 – 04:59
अभिजीत मुहूर्त
12:01 – 12:55

अशुभ समय

राहुकाल
15:52 – 17:33
यमगंड
09:05 – 10:46
गुलिक काल
12:28 – 14:10

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:4106:49दिन
सूर्य06:4907:57दिन
शुक्र07:5709:05दिन
बुध09:0510:12दिन
चंद्र10:1211:20दिन
शनि11:2012:28दिन
गुरु12:2813:36दिन
मंगल13:3614:44दिन
सूर्य14:4415:52दिन
शुक्र15:5216:59दिन
बुध16:5918:07दिन
चंद्र18:0719:15दिन
शनि19:1520:07रात
गुरु20:0720:59रात
मंगल20:5921:51रात
सूर्य21:5122:44रात
शुक्र22:4423:36रात
बुध23:3600:28रात
चंद्र00:2801:20रात
शनि01:2002:12रात
गुरु02:1203:04रात
मंगल03:0403:57रात
सूर्य03:5704:49रात
शुक्र04:4905:41रात

अयनांश 24.2676° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।