16 जनवरी 2026 को रायपुर का चौघड़िया

शुक्रवार, 16 जनवरी 2026, रायपुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 16 जनवरी 2026 को रायपुर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (22:22 तक), नक्षत्र मूल (08:12, 17 जन॰ तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 06:43 पर और सूर्यास्त 17:42 पर है। राहुकाल 10:50 से 12:13 तक है।

दिन और रात
दिन 06:43 – 17:42
रात 06:43 तक
तिथि
त्रयोदशी, 22:22 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
मूल
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:43 – 08:05सामान्य
लाभ08:05 – 09:28शुभ
अमृत09:28 – 10:50शुभ
काल10:50 – 12:13टालें
शुभ12:13 – 13:35शुभ
रोग13:35 – 14:58टालें
उद्वेग14:58 – 16:20टालें
चर16:20 – 17:42सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:42 – 19:20टालें
काल19:20 – 20:58टालें
लाभ20:58 – 22:35शुभ
उद्वेग22:35 – 00:13टालें
शुभ00:13 – 01:50शुभ
अमृत01:50 – 03:28शुभ
चर03:28 – 05:05सामान्य
रोग05:05 – 06:43टालें

16 जनवरी 2026 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 22:22 तक
कृष्ण चतुर्दशी 00:04, 18 जन॰ तक
नक्षत्र
मूल 08:12, 17 जन॰ तक
योग
ध्रुव 21:06 तक
व्याघातअशुभ 21:18, 17 जन॰ तक
करण
गर 09:22 तक
वणिज 22:22 तक
विष्टि (भद्रा) 11:16, 17 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:43
सूर्यास्त
17:42
चंद्रोदय
04:41
चंद्रास्त
15:27
दिनमान
11h 0m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:59 – 05:51
अभिजीत मुहूर्त
11:51 – 12:35

अशुभ समय

राहुकाल
10:50 – 12:13
यमगंड
14:58 – 16:20
गुलिक काल
08:05 – 09:28

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:4307:38दिन
बुध07:3808:33दिन
चंद्र08:3309:28दिन
शनि09:2810:23दिन
गुरु10:2311:18दिन
मंगल11:1812:13दिन
सूर्य12:1313:08दिन
शुक्र13:0814:03दिन
बुध14:0314:58दिन
चंद्र14:5815:53दिन
शनि15:5316:48दिन
गुरु16:4817:42दिन
मंगल17:4218:48रात
सूर्य18:4819:53रात
शुक्र19:5320:58रात
बुध20:5822:03रात
चंद्र22:0323:08रात
शनि23:0800:13रात
गुरु00:1301:18रात
मंगल01:1802:23रात
सूर्य02:2303:28रात
शुक्र03:2804:33रात
बुध04:3305:38रात
चंद्र05:3806:43रात

अयनांश 24.2208° (लाहिड़ी)। समय रायपुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।