2 अप्रैल 2028 को रामेश्वरम का चौघड़िया

रविवार, 2 अप्रैल 2028, रामेश्वरम, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 2 अप्रैल 2028 को रामेश्वरम में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (13:22 तक), नक्षत्र आर्द्रा (01:57, 3 अप्रैल तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 06:09 पर और सूर्यास्त 18:22 पर है। राहुकाल 16:51 से 18:22 तक है।

दिन और रात
दिन 06:09 – 18:22
रात 06:09 तक
तिथि
सप्तमी, 13:22 तक
अष्टमी
नक्षत्र
आर्द्रा, 01:57 तक
पुनर्वसु
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

2 अप्रैल 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:09 – 07:41टालें
चर07:41 – 09:12सामान्य
लाभ09:12 – 10:44शुभ
अमृत10:44 – 12:16शुभ
काल12:16 – 13:47टालें
शुभ13:47 – 15:19शुभ
रोग15:19 – 16:51टालें
उद्वेग16:51 – 18:22टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:22 – 19:51शुभ
अमृत19:51 – 21:19शुभ
चर21:19 – 22:47सामान्य
रोग22:47 – 00:16टालें
काल00:16 – 01:44टालें
लाभ01:44 – 03:12शुभ
उद्वेग03:12 – 04:40टालें
शुभ04:40 – 06:09शुभ

2 अप्रैल 2028 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 13:22 तक
शुक्ल अष्टमी 12:00, 3 अप्रैल तक
नक्षत्र
आर्द्रा 01:57, 3 अप्रैल तक
पुनर्वसु 01:00, 4 अप्रैल तक
योग
शोभन 21:32 तक
अतिगंडअशुभ 19:10, 3 अप्रैल तक
करण
वणिज 13:22 तक
विष्टि (भद्रा) 00:45, 3 अप्रैल तक
बव 12:00, 3 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:09
सूर्यास्त
18:22
चंद्रोदय
11:38
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
12h 13m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:35 – 05:22
अभिजीत मुहूर्त
11:51 – 12:40

अशुभ समय

राहुकाल
16:51 – 18:22
यमगंड
12:16 – 13:47
गुलिक काल
15:19 – 16:51

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:0907:10दिन
शुक्र07:1008:11दिन
बुध08:1109:12दिन
चंद्र09:1210:14दिन
शनि10:1411:15दिन
गुरु11:1512:16दिन
मंगल12:1613:17दिन
सूर्य13:1714:18दिन
शुक्र14:1815:19दिन
बुध15:1916:20दिन
चंद्र16:2017:21दिन
शनि17:2118:22दिन
गुरु18:2219:21रात
मंगल19:2120:20रात
सूर्य20:2021:19रात
शुक्र21:1922:18रात
बुध22:1823:17रात
चंद्र23:1700:16रात
शनि00:1601:14रात
गुरु01:1402:13रात
मंगल02:1303:12रात
सूर्य03:1204:11रात
शुक्र04:1105:10रात
बुध05:1006:09रात

अयनांश 24.2517° (लाहिड़ी)। समय रामेश्वरम (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।