13 जनवरी 2029 को रामेश्वरम का चौघड़िया

शनिवार, 13 जनवरी 2029, रामेश्वरम, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 13 जनवरी 2029 को रामेश्वरम में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (22:47 तक), नक्षत्र मूल (15:04 तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 06:32 पर और सूर्यास्त 18:10 पर है। राहुकाल 09:26 से 10:54 तक है।

दिन और रात
दिन 06:32 – 18:10
रात 06:32 तक
तिथि
चतुर्दशी, 22:47 तक
अमावस्या
नक्षत्र
मूल, 15:04 तक
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

13 जनवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:32 – 07:59टालें
शुभ07:59 – 09:26शुभ
रोग09:26 – 10:54टालें
उद्वेग10:54 – 12:21टालें
चर12:21 – 13:48सामान्य
लाभ13:48 – 15:15शुभ
अमृत15:15 – 16:43शुभ
काल16:43 – 18:10टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:10 – 19:43शुभ
उद्वेग19:43 – 21:16टालें
शुभ21:16 – 22:48शुभ
अमृत22:48 – 00:21शुभ
चर00:21 – 01:54सामान्य
रोग01:54 – 03:27टालें
काल03:27 – 04:59टालें
लाभ04:59 – 06:32शुभ

13 जनवरी 2029 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 22:47 तक
अमावस्या 22:54, 14 जन॰ तक
नक्षत्र
मूल 15:04 तक
पूर्वाषाढ़ा 15:37, 14 जन॰ तक
योग
ध्रुव 10:45 तक
व्याघातअशुभ 09:27, 14 जन॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 10:53 तक
शकुनि 22:47 तक
चतुष्पद 10:47, 14 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:32
सूर्यास्त
18:10
चंद्रोदय
05:08
चंद्रास्त
17:00
दिनमान
11h 38m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:53 – 05:42
अभिजीत मुहूर्त
11:58 – 12:44

अशुभ समय

राहुकाल
09:26 – 10:54
यमगंड
13:48 – 15:15
गुलिक काल
06:32 – 07:59

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:3207:30दिन
गुरु07:3008:28दिन
मंगल08:2809:26दिन
सूर्य09:2610:25दिन
शुक्र10:2511:23दिन
बुध11:2312:21दिन
चंद्र12:2113:19दिन
शनि13:1914:17दिन
गुरु14:1715:15दिन
मंगल15:1516:14दिन
सूर्य16:1417:12दिन
शुक्र17:1218:10दिन
बुध18:1019:12रात
चंद्र19:1220:14रात
शनि20:1421:16रात
गुरु21:1622:17रात
मंगल22:1723:19रात
सूर्य23:1900:21रात
शुक्र00:2101:23रात
बुध01:2302:25रात
चंद्र02:2503:27रात
शनि03:2704:29रात
गुरु04:2905:30रात
मंगल05:3006:32रात

अयनांश 24.2626° (लाहिड़ी)। समय रामेश्वरम (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।