27 जनवरी 2025 को रांची का चौघड़िया

सोमवार, 27 जनवरी 2025, रांची, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 27 जनवरी 2025 को रांची में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (20:35 तक), नक्षत्र मूल (09:02 तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 06:30 पर और सूर्यास्त 17:32 पर है। राहुकाल 07:53 से 09:16 तक है।

दिन और रात
दिन 06:30 – 17:32
रात 06:30 तक
तिथि
त्रयोदशी, 20:35 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
मूल, 09:02 तक
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 जनवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:30 – 07:53शुभ
काल07:53 – 09:16टालें
शुभ09:16 – 10:38शुभ
रोग10:38 – 12:01टालें
उद्वेग12:01 – 13:24टालें
चर13:24 – 14:47सामान्य
लाभ14:47 – 16:09शुभ
अमृत16:09 – 17:32शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:32 – 19:09सामान्य
रोग19:09 – 20:46टालें
काल20:46 – 22:24टालें
लाभ22:24 – 00:01शुभ
उद्वेग00:01 – 01:38टालें
शुभ01:38 – 03:15शुभ
अमृत03:15 – 04:53शुभ
चर04:53 – 06:30सामान्य

27 जनवरी 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 20:35 तक
कृष्ण चतुर्दशी 19:36, 28 जन॰ तक
नक्षत्र
मूल 09:02 तक
पूर्वाषाढ़ा 08:58, 28 जन॰ तक
योग
हर्षण 01:57, 28 जन॰ तक
वज्रअशुभ 23:51, 28 जन॰ तक
करण
गर 08:50 तक
वणिज 20:35 तक
विष्टि (भद्रा) 08:10, 28 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:30
सूर्यास्त
17:32
चंद्रोदय
04:40
चंद्रास्त
15:17
दिनमान
11h 2m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:46 – 05:38
अभिजीत मुहूर्त
11:39 – 12:23

अशुभ समय

राहुकाल
07:53 – 09:16
यमगंड
10:38 – 12:01
गुलिक काल
13:24 – 14:47

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:3007:25दिन
शनि07:2508:20दिन
गुरु08:2009:16दिन
मंगल09:1610:11दिन
सूर्य10:1111:06दिन
शुक्र11:0612:01दिन
बुध12:0112:56दिन
चंद्र12:5613:51दिन
शनि13:5114:47दिन
गुरु14:4715:42दिन
मंगल15:4216:37दिन
सूर्य16:3717:32दिन
शुक्र17:3218:37रात
बुध18:3719:42रात
चंद्र19:4220:46रात
शनि20:4621:51रात
गुरु21:5122:56रात
मंगल22:5600:01रात
सूर्य00:0101:06रात
शुक्र01:0602:11रात
बुध02:1103:15रात
चंद्र03:1504:20रात
शनि04:2005:25रात
गुरु05:2506:30रात

अयनांश 24.2073° (लाहिड़ी)। समय रांची (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।