8 जनवरी 2026 को रांची का चौघड़िया

गुरुवार, 8 जनवरी 2026, रांची, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 8 जनवरी 2026 को रांची में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (06:34 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (12:24 तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 06:31 पर और सूर्यास्त 17:18 पर है। राहुकाल 13:16 से 14:37 तक है।

दिन और रात
दिन 06:31 – 17:18
रात 06:32 तक
तिथि
षष्ठी
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 12:24 तक
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:31 – 07:52शुभ
रोग07:52 – 09:13टालें
उद्वेग09:13 – 10:34टालें
चर10:34 – 11:55सामान्य
लाभ11:55 – 13:16शुभ
अमृत13:16 – 14:37शुभ
काल14:37 – 15:57टालें
शुभ15:57 – 17:18शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:18 – 18:58शुभ
चर18:58 – 20:37सामान्य
रोग20:37 – 22:16टालें
काल22:16 – 23:55टालें
लाभ23:55 – 01:34शुभ
उद्वेग01:34 – 03:13टालें
शुभ03:13 – 04:52शुभ
अमृत04:52 – 06:32शुभ

8 जनवरी 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 06:34 तक
कृष्ण षष्ठी 07:05, 9 जन॰ तक
नक्षत्र
योग
सौभाग्य 17:25 तक
शोभन 16:55, 9 जन॰ तक
करण
तैतिल 06:34 तक
गर 18:43 तक
वणिज 07:05, 9 जन॰ तक
चंद्र राशि
सिंह 18:39 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:31
सूर्यास्त
17:18
चंद्रोदय
22:19
चंद्रास्त
10:03
दिनमान
10h 47m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:46 – 05:39
अभिजीत मुहूर्त
11:33 – 12:16

अशुभ समय

राहुकाल
13:16 – 14:37
यमगंड
06:31 – 07:52
गुलिक काल
09:13 – 10:34

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:3107:25दिन
मंगल07:2508:19दिन
सूर्य08:1909:13दिन
शुक्र09:1310:07दिन
बुध10:0711:01दिन
चंद्र11:0111:55दिन
शनि11:5512:49दिन
गुरु12:4913:43दिन
मंगल13:4314:37दिन
सूर्य14:3715:31दिन
शुक्र15:3116:24दिन
बुध16:2417:18दिन
चंद्र17:1818:24रात
शनि18:2419:31रात
गुरु19:3120:37रात
मंगल20:3721:43रात
सूर्य21:4322:49रात
शुक्र22:4923:55रात
बुध23:5501:01रात
चंद्र01:0102:07रात
शनि02:0703:13रात
गुरु03:1304:19रात
मंगल04:1905:26रात
सूर्य05:2606:32रात

अयनांश 24.2205° (लाहिड़ी)। समय रांची (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।