16 जनवरी 2028 को रांची का चौघड़िया

रविवार, 16 जनवरी 2028, रांची, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 16 जनवरी 2028 को रांची में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (17:27 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (09:14 तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 06:32 पर और सूर्यास्त 17:24 पर है। राहुकाल 16:02 से 17:24 तक है।

दिन और रात
दिन 06:32 – 17:24
रात 06:32 तक
तिथि
पंचमी, 17:27 तक
षष्ठी
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 जनवरी 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:32 – 07:53टालें
चर07:53 – 09:15सामान्य
लाभ09:15 – 10:36शुभ
अमृत10:36 – 11:58शुभ
काल11:58 – 13:19टालें
शुभ13:19 – 14:41शुभ
रोग14:41 – 16:02टालें
उद्वेग16:02 – 17:24टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:24 – 19:02शुभ
अमृत19:02 – 20:41शुभ
चर20:41 – 22:19सामान्य
रोग22:19 – 23:58टालें
काल23:58 – 01:36टालें
लाभ01:36 – 03:15शुभ
उद्वेग03:15 – 04:53टालें
शुभ04:53 – 06:32शुभ

16 जनवरी 2028 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 17:27 तक
कृष्ण षष्ठी 15:12, 17 जन॰ तक
नक्षत्र
योग
शोभन 22:48 तक
अतिगंडअशुभ 19:52, 17 जन॰ तक
करण
कौलव 06:45 तक
तैतिल 17:27 तक
गर 04:15, 17 जन॰ तक
वणिज 15:12, 17 जन॰ तक
चंद्र राशि
सिंह 14:46 तक
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:32
सूर्यास्त
17:24
चंद्रोदय
22:00
चंद्रास्त
09:28
दिनमान
10h 52m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:47 – 05:39
अभिजीत मुहूर्त
11:36 – 12:20

अशुभ समय

राहुकाल
16:02 – 17:24
यमगंड
11:58 – 13:19
गुलिक काल
14:41 – 16:02

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:3207:26दिन
शुक्र07:2608:21दिन
बुध08:2109:15दिन
चंद्र09:1510:09दिन
शनि10:0911:04दिन
गुरु11:0411:58दिन
मंगल11:5812:52दिन
सूर्य12:5213:46दिन
शुक्र13:4614:41दिन
बुध14:4115:35दिन
चंद्र15:3516:29दिन
शनि16:2917:24दिन
गुरु17:2418:29रात
मंगल18:2919:35रात
सूर्य19:3520:41रात
शुक्र20:4121:46रात
बुध21:4622:52रात
चंद्र22:5223:58रात
शनि23:5801:04रात
गुरु01:0402:09रात
मंगल02:0903:15रात
सूर्य03:1504:21रात
शुक्र04:2105:26रात
बुध05:2606:32रात

अयनांश 24.2488° (लाहिड़ी)। समय रांची (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।