30 जनवरी 2028 को रांची का चौघड़िया

रविवार, 30 जनवरी 2028, रांची, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 30 जनवरी 2028 को रांची में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (07:15, 31 जन॰ तक), नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद (05:01, 31 जन॰ तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 06:29 पर और सूर्यास्त 17:34 पर है। राहुकाल 16:11 से 17:34 तक है।

दिन और रात
दिन 06:29 – 17:34
रात 06:29 तक
तिथि
चतुर्थी
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद, 05:01 तक
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 जनवरी 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:29 – 07:52टालें
चर07:52 – 09:15सामान्य
लाभ09:15 – 10:39शुभ
अमृत10:39 – 12:02शुभ
काल12:02 – 13:25टालें
शुभ13:25 – 14:48शुभ
रोग14:48 – 16:11टालें
उद्वेग16:11 – 17:34टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:34 – 19:11शुभ
अमृत19:11 – 20:47शुभ
चर20:47 – 22:24सामान्य
रोग22:24 – 00:01टालें
काल00:01 – 01:38टालें
लाभ01:38 – 03:15शुभ
उद्वेग03:15 – 04:52टालें
शुभ04:52 – 06:29शुभ

30 जनवरी 2028 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 07:15, 31 जन॰ तक
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद 05:01, 31 जन॰ तक
उत्तरा भाद्रपद 07:42, 1 फ़र॰ तक
योग
परिघअशुभ 17:12 तक
शिव 17:57, 31 जन॰ तक
करण
वणिज 18:01 तक
विष्टि (भद्रा) 07:15, 31 जन॰ तक
चंद्र राशि
कुंभ 22:17 तक
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:29
सूर्यास्त
17:34
चंद्रोदय
08:23
चंद्रास्त
20:42
दिनमान
11h 4m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:46 – 05:38
अभिजीत मुहूर्त
11:39 – 12:24

अशुभ समय

राहुकाल
16:11 – 17:34
यमगंड
12:02 – 13:25
गुलिक काल
14:48 – 16:11

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:2907:25दिन
शुक्र07:2508:20दिन
बुध08:2009:15दिन
चंद्र09:1510:11दिन
शनि10:1111:06दिन
गुरु11:0612:02दिन
मंगल12:0212:57दिन
सूर्य12:5713:52दिन
शुक्र13:5214:48दिन
बुध14:4815:43दिन
चंद्र15:4316:38दिन
शनि16:3817:34दिन
गुरु17:3418:38रात
मंगल18:3819:43रात
सूर्य19:4320:47रात
शुक्र20:4721:52रात
बुध21:5222:57रात
चंद्र22:5700:01रात
शनि00:0101:06रात
गुरु01:0602:11रात
मंगल02:1103:15रात
सूर्य03:1504:20रात
शुक्र04:2005:24रात
बुध05:2406:29रात

अयनांश 24.2493° (लाहिड़ी)। समय रांची (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।