7 अक्टूबर 2028 को रांची का चौघड़िया

शनिवार, 7 अक्टूबर 2028, रांची, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 7 अक्टूबर 2028 को रांची में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (04:51, 8 अक्टू॰ तक), नक्षत्र कृत्तिका (06:52, 8 अक्टू॰ तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 05:42 पर और सूर्यास्त 17:29 पर है। राहुकाल 08:39 से 10:07 तक है।

दिन और रात
दिन 05:42 – 17:29
रात 05:43 तक
तिथि
चतुर्थी, 04:51 तक
नक्षत्र
कृत्तिका
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 अक्टूबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:42 – 07:11टालें
शुभ07:11 – 08:39शुभ
रोग08:39 – 10:07टालें
उद्वेग10:07 – 11:36टालें
चर11:36 – 13:04सामान्य
लाभ13:04 – 14:33शुभ
अमृत14:33 – 16:01शुभ
काल16:01 – 17:29टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:29 – 19:01शुभ
उद्वेग19:01 – 20:33टालें
शुभ20:33 – 22:04शुभ
अमृत22:04 – 23:36शुभ
चर23:36 – 01:08सामान्य
रोग01:08 – 02:39टालें
काल02:39 – 04:11टालें
लाभ04:11 – 05:43शुभ

7 अक्टूबर 2028 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 04:51, 8 अक्टू॰ तक
कृष्ण पंचमी 05:42, 9 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
कृत्तिका 06:52, 8 अक्टू॰ तक
योग
वज्रअशुभ 11:07 तक
सिद्धि 10:57, 8 अक्टू॰ तक
करण
बव 16:16 तक
बालव 04:51, 8 अक्टू॰ तक
कौलव 17:20, 8 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
मेष 11:33 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:42
सूर्यास्त
17:29
चंद्रोदय
19:39
चंद्रास्त
08:41
दिनमान
11h 47m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:05 – 04:53
अभिजीत मुहूर्त
11:12 – 11:59

अशुभ समय

राहुकाल
08:39 – 10:07
यमगंड
13:04 – 14:33
गुलिक काल
05:42 – 07:11

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:4206:41दिन
गुरु06:4107:40दिन
मंगल07:4008:39दिन
सूर्य08:3909:38दिन
शुक्र09:3810:37दिन
बुध10:3711:36दिन
चंद्र11:3612:35दिन
शनि12:3513:34दिन
गुरु13:3414:33दिन
मंगल14:3315:32दिन
सूर्य15:3216:31दिन
शुक्र16:3117:29दिन
बुध17:2918:31रात
चंद्र18:3119:32रात
शनि19:3220:33रात
गुरु20:3321:34रात
मंगल21:3422:35रात
सूर्य22:3523:36रात
शुक्र23:3600:37रात
बुध00:3701:38रात
चंद्र01:3802:39रात
शनि02:3903:40रात
गुरु03:4004:41रात
मंगल04:4105:43रात

अयनांश 24.2589° (लाहिड़ी)। समय रांची (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।