22 दिसंबर 2024 को ऋषिकेश का चौघड़िया

रविवार, 22 दिसंबर 2024, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 22 दिसंबर 2024 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण सप्तमी (14:32 तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (09:09, 23 दिस॰ तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 07:09 पर और सूर्यास्त 17:21 पर है। राहुकाल 16:05 से 17:21 तक है।

दिन और रात
दिन 07:09 – 17:21
रात 07:09 तक
तिथि
सप्तमी, 14:32 तक
अष्टमी
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

22 दिसंबर 2024 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग07:09 – 08:25टालें
चर08:25 – 09:42सामान्य
लाभ09:42 – 10:58शुभ
अमृत10:58 – 12:15शुभ
काल12:15 – 13:32टालें
शुभ13:32 – 14:48शुभ
रोग14:48 – 16:05टालें
उद्वेग16:05 – 17:21टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:21 – 19:05शुभ
अमृत19:05 – 20:48शुभ
चर20:48 – 22:32सामान्य
रोग22:32 – 00:15टालें
काल00:15 – 01:59टालें
लाभ01:59 – 03:42शुभ
उद्वेग03:42 – 05:26टालें
शुभ05:26 – 07:09शुभ

22 दिसंबर 2024 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 14:32 तक
कृष्ण अष्टमी 17:08, 23 दिस॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी 09:09, 23 दिस॰ तक
योग
आयुष्मान 18:59 तक
सौभाग्य 19:54, 23 दिस॰ तक
करण
बव 14:32 तक
बालव 03:48, 23 दिस॰ तक
कौलव 17:08, 23 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सिंह 12:55 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:09
सूर्यास्त
17:21
चंद्रोदय
इस दिन चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त
11:56
दिनमान
10h 12m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:18 – 06:14
अभिजीत मुहूर्त
11:55 – 12:35

अशुभ समय

राहुकाल
16:05 – 17:21
यमगंड
12:15 – 13:32
गुलिक काल
14:48 – 16:05

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य07:0908:00दिन
शुक्र08:0008:51दिन
बुध08:5109:42दिन
चंद्र09:4210:33दिन
शनि10:3311:24दिन
गुरु11:2412:15दिन
मंगल12:1513:06दिन
सूर्य13:0613:57दिन
शुक्र13:5714:48दिन
बुध14:4815:39दिन
चंद्र15:3916:30दिन
शनि16:3017:21दिन
गुरु17:2118:30रात
मंगल18:3019:39रात
सूर्य19:3920:48रात
शुक्र20:4821:57रात
बुध21:5723:06रात
चंद्र23:0600:15रात
शनि00:1501:24रात
गुरु01:2402:33रात
मंगल02:3303:42रात
सूर्य03:4204:51रात
शुक्र04:5106:00रात
बुध06:0007:09रात

अयनांश 24.2059° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।