4 अप्रैल 2025 को ऋषिकेश का चौघड़िया

शुक्रवार, 4 अप्रैल 2025, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 4 अप्रैल 2025 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (20:13 तक), नक्षत्र आर्द्रा (05:20, 5 अप्रैल तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 06:02 पर और सूर्यास्त 18:37 पर है। राहुकाल 10:45 से 12:20 तक है।

दिन और रात
दिन 06:02 – 18:37
रात 06:01 तक
तिथि
सप्तमी, 20:13 तक
अष्टमी
नक्षत्र
आर्द्रा, 05:20 तक
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 अप्रैल 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:02 – 07:37सामान्य
लाभ07:37 – 09:11शुभ
अमृत09:11 – 10:45शुभ
काल10:45 – 12:20टालें
शुभ12:20 – 13:54शुभ
रोग13:54 – 15:28टालें
उद्वेग15:28 – 17:03टालें
चर17:03 – 18:37सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:37 – 20:02टालें
काल20:02 – 21:28टालें
लाभ21:28 – 22:53शुभ
उद्वेग22:53 – 00:19टालें
शुभ00:19 – 01:44शुभ
अमृत01:44 – 03:10शुभ
चर03:10 – 04:35सामान्य
रोग04:35 – 06:01टालें

4 अप्रैल 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 20:13 तक
शुक्ल अष्टमी 19:27, 5 अप्रैल तक
नक्षत्र
आर्द्रा 05:20, 5 अप्रैल तक
पुनर्वसु 05:32, 6 अप्रैल तक
योग
शोभन 21:45 तक
अतिगंडअशुभ 20:03, 5 अप्रैल तक
करण
गर 08:52 तक
वणिज 20:13 तक
विष्टि (भद्रा) 07:44, 5 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:02
सूर्यास्त
18:37
चंद्रोदय
10:28
चंद्रास्त
00:30
दिनमान
12h 35m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:31 – 05:16
अभिजीत मुहूर्त
11:54 – 12:45

अशुभ समय

राहुकाल
10:45 – 12:20
यमगंड
15:28 – 17:03
गुलिक काल
07:37 – 09:11

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:0207:05दिन
बुध07:0508:08दिन
चंद्र08:0809:11दिन
शनि09:1110:14दिन
गुरु10:1411:17दिन
मंगल11:1712:20दिन
सूर्य12:2013:22दिन
शुक्र13:2214:25दिन
बुध14:2515:28दिन
चंद्र15:2816:31दिन
शनि16:3117:34दिन
गुरु17:3418:37दिन
मंगल18:3719:34रात
सूर्य19:3420:31रात
शुक्र20:3121:28रात
बुध21:2822:25रात
चंद्र22:2523:22रात
शनि23:2200:19रात
गुरु00:1901:16रात
मंगल01:1602:13रात
सूर्य02:1303:10रात
शुक्र03:1004:07रात
बुध04:0705:04रात
चंद्र05:0406:01रात

अयनांश 24.2099° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।