8 सितंबर 2025 को ऋषिकेश का चौघड़िया

सोमवार, 8 सितंबर 2025, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 8 सितंबर 2025 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (21:12 तक), नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद (20:02 तक) और योग धृति है। सूर्योदय 05:57 पर और सूर्यास्त 18:30 पर है। राहुकाल 07:31 से 09:05 तक है।

दिन और रात
दिन 05:57 – 18:30
रात 05:58 तक
तिथि
प्रतिपदा, 21:12 तक
द्वितीया
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद, 20:02 तक
उत्तरा भाद्रपद
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 सितंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:57 – 07:31शुभ
काल07:31 – 09:05टालें
शुभ09:05 – 10:40शुभ
रोग10:40 – 12:14टालें
उद्वेग12:14 – 13:48टालें
चर13:48 – 15:22सामान्य
लाभ15:22 – 16:56शुभ
अमृत16:56 – 18:30शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:30 – 19:56सामान्य
रोग19:56 – 21:22टालें
काल21:22 – 22:48टालें
लाभ22:48 – 00:14शुभ
उद्वेग00:14 – 01:40टालें
शुभ01:40 – 03:06शुभ
अमृत03:06 – 04:32शुभ
चर04:32 – 05:58सामान्य

8 सितंबर 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 21:12 तक
कृष्ण द्वितीया 18:29, 9 सित॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद 18:07, 9 सित॰ तक
योग
धृति 06:30 तक
शूलअशुभ 03:20, 9 सित॰ तक
गंडअशुभ 23:58, 9 सित॰ तक
करण
बालव 10:28 तक
कौलव 21:12 तक
तैतिल 07:52, 9 सित॰ तक
चंद्र राशि
कुंभ 14:29 तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:57
सूर्यास्त
18:30
चंद्रोदय
18:54
चंद्रास्त
06:17
दिनमान
12h 33m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:26 – 05:11
अभिजीत मुहूर्त
11:49 – 12:39

अशुभ समय

राहुकाल
07:31 – 09:05
यमगंड
10:40 – 12:14
गुलिक काल
13:48 – 15:22

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:5707:00दिन
शनि07:0008:03दिन
गुरु08:0309:05दिन
मंगल09:0510:08दिन
सूर्य10:0811:11दिन
शुक्र11:1112:14दिन
बुध12:1413:17दिन
चंद्र13:1714:19दिन
शनि14:1915:22दिन
गुरु15:2216:25दिन
मंगल16:2517:28दिन
सूर्य17:2818:30दिन
शुक्र18:3019:28रात
बुध19:2820:25रात
चंद्र20:2521:22रात
शनि21:2222:20रात
गुरु22:2023:17रात
मंगल23:1700:14रात
सूर्य00:1401:11रात
शुक्र01:1102:09रात
बुध02:0903:06रात
चंद्र03:0604:03रात
शनि04:0305:00रात
गुरु05:0005:58रात

अयनांश 24.2159° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।