3 जनवरी 2026 को ऋषिकेश का चौघड़िया

शनिवार, 3 जनवरी 2026, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 3 जनवरी 2026 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (15:32 तक), नक्षत्र आर्द्रा (17:28 तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 07:13 पर और सूर्यास्त 17:29 पर है। राहुकाल 09:47 से 11:04 तक है।

दिन और रात
दिन 07:13 – 17:29
रात 07:13 तक
तिथि
पूर्णिमा, 15:32 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
आर्द्रा, 17:28 तक
पुनर्वसु
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल07:13 – 08:30टालें
शुभ08:30 – 09:47शुभ
रोग09:47 – 11:04टालें
उद्वेग11:04 – 12:21टालें
चर12:21 – 13:38सामान्य
लाभ13:38 – 14:55शुभ
अमृत14:55 – 16:12शुभ
काल16:12 – 17:29टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:29 – 19:12शुभ
उद्वेग19:12 – 20:55टालें
शुभ20:55 – 22:38शुभ
अमृत22:38 – 00:21शुभ
चर00:21 – 02:04सामान्य
रोग02:04 – 03:47टालें
काल03:47 – 05:30टालें
लाभ05:30 – 07:13शुभ

3 जनवरी 2026 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
पूर्णिमा 15:32 तक
कृष्ण प्रतिपदा 12:30, 4 जन॰ तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 15:11, 4 जन॰ तक
योग
ब्रह्म 09:05 तक
इंद्र 05:15, 4 जन॰ तक
वैधृतिअशुभ 01:47, 5 जन॰ तक
करण
बव 15:32 तक
बालव 01:58, 4 जन॰ तक
कौलव 12:30, 4 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:13
सूर्यास्त
17:29
चंद्रोदय
17:20
चंद्रास्त
07:11
दिनमान
10h 16m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:23 – 06:18
अभिजीत मुहूर्त
12:00 – 12:41

अशुभ समय

राहुकाल
09:47 – 11:04
यमगंड
13:38 – 14:55
गुलिक काल
07:13 – 08:30

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि07:1308:04दिन
गुरु08:0408:55दिन
मंगल08:5509:47दिन
सूर्य09:4710:38दिन
शुक्र10:3811:29दिन
बुध11:2912:21दिन
चंद्र12:2113:12दिन
शनि13:1214:03दिन
गुरु14:0314:55दिन
मंगल14:5515:46दिन
सूर्य15:4616:37दिन
शुक्र16:3717:29दिन
बुध17:2918:37रात
चंद्र18:3719:46रात
शनि19:4620:55रात
गुरु20:5522:03रात
मंगल22:0323:12रात
सूर्य23:1200:21रात
शुक्र00:2101:30रात
बुध01:3002:38रात
चंद्र02:3803:47रात
शनि03:4704:56रात
गुरु04:5606:04रात
मंगल06:0407:13रात

अयनांश 24.2203° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।