4 फ़रवरी 2026 को ऋषिकेश का चौघड़िया

बुधवार, 4 फ़रवरी 2026, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 4 फ़रवरी 2026 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (00:10, 5 फ़र॰ तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (22:12 तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 07:05 पर और सूर्यास्त 17:56 पर है। राहुकाल 12:30 से 13:52 तक है।

दिन और रात
दिन 07:05 – 17:56
रात 07:04 तक
तिथि
तृतीया, 00:10 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 22:12 तक
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 फ़रवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ07:05 – 08:26शुभ
अमृत08:26 – 09:48शुभ
काल09:48 – 11:09टालें
शुभ11:09 – 12:30शुभ
रोग12:30 – 13:52टालें
उद्वेग13:52 – 15:13टालें
चर15:13 – 16:34सामान्य
लाभ16:34 – 17:56शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:56 – 19:34टालें
शुभ19:34 – 21:13शुभ
अमृत21:13 – 22:51शुभ
चर22:51 – 00:30सामान्य
रोग00:30 – 02:09टालें
काल02:09 – 03:47टालें
लाभ03:47 – 05:26शुभ
उद्वेग05:26 – 07:04टालें

4 फ़रवरी 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 00:10, 5 फ़र॰ तक
कृष्ण चतुर्थी 00:22, 6 फ़र॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी 22:57, 5 फ़र॰ तक
योग
अतिगंडअशुभ 01:04, 5 फ़र॰ तक
सुकर्मा 00:04, 6 फ़र॰ तक
करण
वणिज 12:20 तक
विष्टि (भद्रा) 00:10, 5 फ़र॰ तक
बव 12:10, 5 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सिंह 04:20, 5 फ़र॰ तक
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:05
सूर्यास्त
17:56
चंद्रोदय
20:32
चंद्रास्त
08:31
दिनमान
10h 51m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:20 – 06:12
अभिजीत मुहूर्त
12:09 – 12:52 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:30 – 13:52
यमगंड
08:26 – 09:48
गुलिक काल
11:09 – 12:30

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध07:0507:59दिन
चंद्र07:5908:53दिन
शनि08:5309:48दिन
गुरु09:4810:42दिन
मंगल10:4211:36दिन
सूर्य11:3612:30दिन
शुक्र12:3013:25दिन
बुध13:2514:19दिन
चंद्र14:1915:13दिन
शनि15:1316:07दिन
गुरु16:0717:01दिन
मंगल17:0117:56दिन
सूर्य17:5619:01रात
शुक्र19:0120:07रात
बुध20:0721:13रात
चंद्र21:1322:19रात
शनि22:1923:24रात
गुरु23:2400:30रात
मंगल00:3001:36रात
सूर्य01:3602:41रात
शुक्र02:4103:47रात
बुध03:4704:53रात
चंद्र04:5305:59रात
शनि05:5907:04रात

अयनांश 24.2216° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।