27 फ़रवरी 2026 को ऋषिकेश का चौघड़िया

शुक्रवार, 27 फ़रवरी 2026, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 27 फ़रवरी 2026 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (22:33 तक), नक्षत्र आर्द्रा (10:49 तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 06:45 पर और सूर्यास्त 18:14 पर है। राहुकाल 11:03 से 12:29 तक है।

दिन और रात
दिन 06:45 – 18:14
रात 06:44 तक
तिथि
एकादशी, 22:33 तक
द्वादशी
नक्षत्र
आर्द्रा, 10:49 तक
पुनर्वसु
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 फ़रवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:45 – 08:11सामान्य
लाभ08:11 – 09:37शुभ
अमृत09:37 – 11:03शुभ
काल11:03 – 12:29टालें
शुभ12:29 – 13:55शुभ
रोग13:55 – 15:21टालें
उद्वेग15:21 – 16:48टालें
चर16:48 – 18:14सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:14 – 19:47टालें
काल19:47 – 21:21टालें
लाभ21:21 – 22:55शुभ
उद्वेग22:55 – 00:29टालें
शुभ00:29 – 02:02शुभ
अमृत02:02 – 03:36शुभ
चर03:36 – 05:10सामान्य
रोग05:10 – 06:44टालें

27 फ़रवरी 2026 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 22:33 तक
शुक्ल द्वादशी 20:43, 28 फ़र॰ तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 09:35, 28 फ़र॰ तक
योग
आयुष्मान 19:43 तक
सौभाग्य 17:02, 28 फ़र॰ तक
करण
वणिज 11:32 तक
विष्टि (भद्रा) 22:33 तक
बव 09:36, 28 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
मिथुन 03:52, 28 फ़र॰ तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:45
सूर्यास्त
18:14
चंद्रोदय
13:52
चंद्रास्त
03:44
दिनमान
11h 29m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:05 – 05:55
अभिजीत मुहूर्त
12:06 – 12:52

अशुभ समय

राहुकाल
11:03 – 12:29
यमगंड
15:21 – 16:48
गुलिक काल
08:11 – 09:37

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:4507:42दिन
बुध07:4208:40दिन
चंद्र08:4009:37दिन
शनि09:3710:34दिन
गुरु10:3411:32दिन
मंगल11:3212:29दिन
सूर्य12:2913:27दिन
शुक्र13:2714:24दिन
बुध14:2415:21दिन
चंद्र15:2116:19दिन
शनि16:1917:16दिन
गुरु17:1618:14दिन
मंगल18:1419:16रात
सूर्य19:1620:19रात
शुक्र20:1921:21रात
बुध21:2122:24रात
चंद्र22:2423:26रात
शनि23:2600:29रात
गुरु00:2901:31रात
मंगल01:3102:34रात
सूर्य02:3403:36रात
शुक्र03:3604:39रात
बुध04:3905:41रात
चंद्र05:4106:44रात

अयनांश 24.2224° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।