26 मार्च 2026 को ऋषिकेश का चौघड़िया

गुरुवार, 26 मार्च 2026, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 26 मार्च 2026 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल अष्टमी (11:49 तक), नक्षत्र आर्द्रा (16:19 तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 06:13 पर और सूर्यास्त 18:31 पर है। राहुकाल 13:55 से 15:27 तक है।

दिन और रात
दिन 06:13 – 18:31
रात 06:12 तक
तिथि
अष्टमी, 11:49 तक
नवमी
नक्षत्र
आर्द्रा, 16:19 तक
पुनर्वसु
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

26 मार्च 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:13 – 07:46शुभ
रोग07:46 – 09:18टालें
उद्वेग09:18 – 10:50टालें
चर10:50 – 12:22सामान्य
लाभ12:22 – 13:55शुभ
अमृत13:55 – 15:27शुभ
काल15:27 – 16:59टालें
शुभ16:59 – 18:31शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:31 – 19:59शुभ
चर19:59 – 21:26सामान्य
रोग21:26 – 22:54टालें
काल22:54 – 00:22टालें
लाभ00:22 – 01:49शुभ
उद्वेग01:49 – 03:17टालें
शुभ03:17 – 04:44शुभ
अमृत04:44 – 06:12शुभ

26 मार्च 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 11:49 तक
शुक्ल नवमी 10:07, 27 मार्च तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 15:24, 27 मार्च तक
योग
शोभन 00:31, 27 मार्च तक
अतिगंडअशुभ 22:10, 27 मार्च तक
करण
बव 11:49 तक
बालव 22:55 तक
कौलव 10:07, 27 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:13
सूर्यास्त
18:31
चंद्रोदय
11:45
चंद्रास्त
01:40
दिनमान
12h 18m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:40 – 05:26
अभिजीत मुहूर्त
11:58 – 12:47

अशुभ समय

राहुकाल
13:55 – 15:27
यमगंड
06:13 – 07:46
गुलिक काल
09:18 – 10:50

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:1307:15दिन
मंगल07:1508:16दिन
सूर्य08:1609:18दिन
शुक्र09:1810:19दिन
बुध10:1911:21दिन
चंद्र11:2112:22दिन
शनि12:2213:24दिन
गुरु13:2414:25दिन
मंगल14:2515:27दिन
सूर्य15:2716:28दिन
शुक्र16:2817:30दिन
बुध17:3018:31दिन
चंद्र18:3119:30रात
शनि19:3020:28रात
गुरु20:2821:26रात
मंगल21:2622:25रात
सूर्य22:2523:23रात
शुक्र23:2300:22रात
बुध00:2201:20रात
चंद्र01:2002:18रात
शनि02:1803:17रात
गुरु03:1704:15रात
मंगल04:1505:14रात
सूर्य05:1406:12रात

अयनांश 24.2235° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।