9 अप्रैल 2026 को ऋषिकेश का चौघड़िया

गुरुवार, 9 अप्रैल 2026, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 9 अप्रैल 2026 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण सप्तमी (21:20 तक), नक्षत्र मूल (08:48 तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 05:57 पर और सूर्यास्त 18:40 पर है। राहुकाल 13:54 से 15:29 तक है।

दिन और रात
दिन 05:57 – 18:40
रात 05:55 तक
तिथि
सप्तमी, 21:20 तक
अष्टमी
नक्षत्र
मूल, 08:48 तक
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

9 अप्रैल 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:57 – 07:32शुभ
रोग07:32 – 09:07टालें
उद्वेग09:07 – 10:43टालें
चर10:43 – 12:18सामान्य
लाभ12:18 – 13:54शुभ
अमृत13:54 – 15:29शुभ
काल15:29 – 17:04टालें
शुभ17:04 – 18:40शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:40 – 20:04शुभ
चर20:04 – 21:29सामान्य
रोग21:29 – 22:53टालें
काल22:53 – 00:18टालें
लाभ00:18 – 01:42शुभ
उद्वेग01:42 – 03:07टालें
शुभ03:07 – 04:31शुभ
अमृत04:31 – 05:55शुभ

9 अप्रैल 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 21:20 तक
कृष्ण अष्टमी 23:16, 10 अप्रैल तक
नक्षत्र
मूल 08:48 तक
पूर्वाषाढ़ा 11:28, 10 अप्रैल तक
योग
परिघअशुभ 17:58 तक
शिव 18:30, 10 अप्रैल तक
करण
विष्टि (भद्रा) 08:13 तक
बव 21:20 तक
बालव 10:21, 10 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:57
सूर्यास्त
18:40
चंद्रोदय
00:36
चंद्रास्त
10:33
दिनमान
12h 43m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:26 – 05:11
अभिजीत मुहूर्त
11:53 – 12:44

अशुभ समय

राहुकाल
13:54 – 15:29
यमगंड
05:57 – 07:32
गुलिक काल
09:07 – 10:43

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:5707:00दिन
मंगल07:0008:04दिन
सूर्य08:0409:07दिन
शुक्र09:0710:11दिन
बुध10:1111:15दिन
चंद्र11:1512:18दिन
शनि12:1813:22दिन
गुरु13:2214:25दिन
मंगल14:2515:29दिन
सूर्य15:2916:33दिन
शुक्र16:3317:36दिन
बुध17:3618:40दिन
चंद्र18:4019:36रात
शनि19:3620:32रात
गुरु20:3221:29रात
मंगल21:2922:25रात
सूर्य22:2523:21रात
शुक्र23:2100:18रात
बुध00:1801:14रात
चंद्र01:1402:10रात
शनि02:1003:07रात
गुरु03:0704:03रात
मंगल04:0304:59रात
सूर्य04:5905:55रात

अयनांश 24.2240° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।