20 नवंबर 2026 को ऋषिकेश का चौघड़िया

शुक्रवार, 20 नवंबर 2026, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 20 नवंबर 2026 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल दशमी (07:16 तक), नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद (06:56 तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 06:45 पर और सूर्यास्त 17:18 पर है। राहुकाल 10:43 से 12:02 तक है।

दिन और रात
दिन 06:45 – 17:18
रात 06:46 तक
तिथि
एकादशी, 06:31 तक
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

20 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:45 – 08:05सामान्य
लाभ08:05 – 09:24शुभ
अमृत09:24 – 10:43शुभ
काल10:43 – 12:02टालें
शुभ12:02 – 13:21शुभ
रोग13:21 – 14:40टालें
उद्वेग14:40 – 15:59टालें
चर15:59 – 17:18सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:18 – 18:59टालें
काल18:59 – 20:40टालें
लाभ20:40 – 22:21शुभ
उद्वेग22:21 – 00:02टालें
शुभ00:02 – 01:43शुभ
अमृत01:43 – 03:24शुभ
चर03:24 – 05:05सामान्य
रोग05:05 – 06:46टालें

20 नवंबर 2026 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल दशमी 07:16 तक
शुक्ल एकादशी 06:31, 21 नव॰ तक
शुक्ल द्वादशी 04:56, 22 नव॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद 06:50, 21 नव॰ तक
योग
वज्रअशुभ 04:55, 21 नव॰ तक
सिद्धि 02:30, 22 नव॰ तक
करण
गर 07:16 तक
वणिज 19:00 तक
विष्टि (भद्रा) 06:31, 21 नव॰ तक
बव 17:50, 21 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:45
सूर्यास्त
17:18
चंद्रोदय
14:13
चंद्रास्त
01:58
दिनमान
10h 33m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:58 – 05:52
अभिजीत मुहूर्त
11:41 – 12:23

अशुभ समय

राहुकाल
10:43 – 12:02
यमगंड
14:40 – 15:59
गुलिक काल
08:05 – 09:24

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:4507:38दिन
बुध07:3808:31दिन
चंद्र08:3109:24दिन
शनि09:2410:16दिन
गुरु10:1611:09दिन
मंगल11:0912:02दिन
सूर्य12:0212:54दिन
शुक्र12:5413:47दिन
बुध13:4714:40दिन
चंद्र14:4015:33दिन
शनि15:3316:25दिन
गुरु16:2517:18दिन
मंगल17:1818:25रात
सूर्य18:2519:33रात
शुक्र19:3320:40रात
बुध20:4021:47रात
चंद्र21:4722:55रात
शनि22:5500:02रात
गुरु00:0201:10रात
मंगल01:1002:17रात
सूर्य02:1703:24रात
शुक्र03:2404:32रात
बुध04:3205:39रात
चंद्र05:3906:46रात

अयनांश 24.2326° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।